भुसावल ट्रैक से सीधा जुड़ा सनावद ट्रैक… खंडवा यार्ड में पूरा हुआ इलेक्ट्राॅनिक इंटरलाॅकिंग सिग्नलिंग प्रणाली का कार्य

मध्य प्रदेश

खंडवा। खंडवा रेलवे जंक्शन में एनआई यानी नॉन इंटरलॉकिंग कार्य पूरा हो चुका है। इसके लिए खंडवा स्टेशन पर 24 जून से 22 जुलाई तक अलग-अलग समय पर मेगा ब्लाॅक लेकर कार्य किया गया। सोमवार को शाम छह बजे से रात दस बजे तक कोई भी ट्रेन स्टेशन पर नहीं ली गई। इस दौरान अंतिम चरण की टेस्टिंग की गई, जो सफल रहने पर अधिकारी-कर्मचारियों ने एकदूसरे को बधाई देकर हर्ष जताया। यह कार्य पूरा होते ही सनावद रेलवे ट्रैक अब इटारसी- भुसावल में ट्रैक से सीधा जुड़ गया है।

सावन के पहले सोमवार को भुसावल मण्डल के सीमावर्ती खंडवा जंक्शन को बड़ी सौगात मिली है। खंडवा जंक्शन मध्य रेल , वेस्टर्न रेलवे , वेस्ट सेंट्रल रेलवे और साउथ सेंट्रल रेलवे का इंटरचेंजिंग पॉइंट है। इस पर 269 रूट की अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित की गई है।

यह 47 पॉइंट मशीन तथा 66 सिग्नल के साथ भुसावल मंडल की अभी तक की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग है । यह यार्ड मॉडलिंग अकोला रतलाम महू गेज कन्वर्जन वर्क मीटर गेज से ब्रॉड गेज प्रोजेक्ट के तहत हुई है। पुरानी सिग्नलिंग प्रणाली वर्ष 2000 में कमीशन हुई थी और रिप्लेसमेंट के लिए ड्यू थी। रेलवे बोर्ड इस कार्य को लगातार मॉनिटर कर रहा था। भविष्य में इसे राजस्थान तथा आंध्र के लिए भी कनेक्टिविटी स्टैबलिश किया जाएगा।

मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता धर्मवीर मीणा इस कार्य के लिए गतिशील रहे। आठ जून को व्यक्तिगत निरीक्षण के द्वारा कार्य की क्वालिटी और प्रोग्रेस का निरीक्षण किया था। भुसावल डीआरएम इति पांडे ने इस कार्य के लिए कई बार खंडवा स्टेशन का दौरा कर सभी अधिकारियों को समस्या निराकरण में सहभागिता के निर्देश दिए। मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता निर्माण अखिलेश कुमार मिश्रा ने व्यक्तिगत तौर से निरीक्षण करके कार्यों का लगातार जायजा लिया। इनके परिणाम स्वरुप सोमवार रात आईएन कार्य का परीक्षण सफल रहा। इस मौके पर पूजन कर सभी का आभार व्यक्त किया गया।

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