कानपुर में बिजली कटौती की समस्या भीषण समस्या का रूप ले चुकी है. लगभग सभी इलाकों में घंटों की कटौती हो रही है. ऐसे में कानपुर के एक गांव वाले जब परेशान हो गए तो उन्होंने धरना दे दिया. धरने से परेशान इंस्पेक्टर ने गांववालों को धमकी दे दी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. समाजवादी पार्टी ने भी इस घटना को लेकर ट्वीट कर दिया है.
बिजली कटौती से कई गांव के लोग परेशान
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली कटौती के कारण गांव में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप था कि बिजली विभाग की लापरवाही के चलते उनकी समस्याएं अनसुनी की जा रही हैं. लेकिन स्थिति तब बिगड़ गई जब इंस्पेक्टर बिष्ट कथित तौर पर ग्रामीणों पर भड़क गए.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा, “धरमंगदपुर का रास्ता नहीं मिलेगा, भागने का रास्ता नहीं मिलेगा. रोज बिना बिजली के भागोगे, सुन लो.” उन्होंने अपने कर्मचारियों को सब स्टेशन अधिकारियों से तहरीर लेने का निर्देश भी दिया.
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
धमकी देने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसके बाद सचेंडी सब स्टेशन के एसएसओ रविंद्र सिंह ने पुलिस को तहरीर सौंपी, जिसमें आरोप लगाया गया कि अज्ञात व्यक्तियों ने सब स्टेशन में तोड़फोड़ की कोशिश की और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज कर बिजली आपूर्ति बाधित की. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर निशाना साधा. पार्टी ने एक्स पर लिखा, “भाजपा सरकार में बिजली मांगना भी अपराध बन गया है. सचेंडी में जनता को धमकाने वाली पुलिस का रवैया शर्मनाक है.”
बिजली सब स्टेशन में की तोड़फोड़
इस पूरे मामले में पुलिस के एसीपी पनकी शिखर ने बताया कि शनिवार देर रात सब स्टेशन के एसडीओ और एक्सईएन ने शिकायत की थी कि 250-300 अज्ञात लोगों ने सब स्टेशन पर तोड़फोड़ की और कर्मचारियों को धमकाया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है. वहीं गांववालों का कहना है कि अब बिजली की समस्या को उठाना भी अपराध हो गया है.
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