वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है. तमाम विपक्षी दल इस विधेयक को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं. एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इसको लेकर सख्त टिप्पणी की है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक “मुसलमानों पर सीधा हमला” है और इससे उनकी संपत्तियां छीन ली जाएंगी. बता दें कि हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि वक्फ संशोधन विधेयक को मौजूदा सत्र में फिर से पेश किया जाएगा.
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि इस पार्टी के पास लोकसभा में बहुमत नहीं है. ये सरकार खुद ही बैसाखी के सहारे पर चल रही है. नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं क्योंकि वे नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान और जयंत चौधरी की बैसाखी पर निर्भर हैं. अगर ये चार दल इस असंवैधानिक विधेयक का समर्थन नहीं करते हैं तो यह विधेयक कानून नहीं बन पाएगा.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर वे बीजेपी का समर्थन करते हैं, तो मैं उन्हें सावधान और चेतावनी दे रहा हूं कि मुसलमान उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे. आप एक असंवैधानिक विधेयक का समर्थन कर रहे हैं जो मुस्लिम वक्फ बोर्ड को हमेशा के लिए खत्म कर देगा, जो हमारी मस्जिदों, दरगाहों को छीन लेगा. चंद्रबाबू नायडू तिरुपति देवस्थानम से गैर-हिंदू कर्मचारियों को हटाना चाहते हैं. वह गैर-मुस्लिमों को मुस्लिम वक्फ बोर्ड का सदस्य क्यों बनने दे रहे हैं?
संपत्ति पर दावा खत्म हो जाएगा?
ओवैसी ने आरोप लगाया कि इस विधेयक के तहत जिलाधिकारी को यह अधिकार मिल जाएगा कि वह किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानने से इनकार कर सकता है. इससे मुसलमानों का उस संपत्ति पर दावा खत्म हो जाएगा. ओवैसी के अलावा भी तमाम इस्लामिक संगठन इस विधेयक को लेकर अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं. दूसरी तरफ बीजेपी इस विधेयक को लेकर विपक्ष पर भ्रामकता फैलाने का आरोप लगा रही है.
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