बेटे को पालने के लिए नहीं थे पैसे, मां ने तीन साल पहले पड़ोसी को सौंपा जिगर का टुकड़ा, वापस लेने गई तो…

दिल्ली

राजधानी दिल्ली के शालीमार बाग इलाके से अनोखा मामला सामने आया है. यहां कोरोना काल में आर्थिक तंगी की मार झेल रही महिला ने साल 2021 में पड़ोसी को अपना बेटा कुछ समय के लिए सौंपा था. आरोप है कि अब वो पड़ोसी, महिला को उसका बेटा वापस नहीं लौटा रहा. यहां तक कि उसने तो महिला को पहचानने से ही इनकार कर दिया. पीड़िता ने अब पुलिस से मदद मांगी है.

मामला हैदरपुर इलाके का है. 25 साल की पूजा देवी के पति ने कुछ साल पहले उसे छोड़ दिया. पूजा के दो बच्चे हैं. एक बेटा (3) और एक बेटी (2). बच्चों को पालने के लिए पूजा ने शालीमार इलाके में लोगों के घर जा-जाकर झाड़ू-पोछा लगाने का काम शुरू किया. इससे उसे ठीक-ठाक आमदनी हो रही थी. परिवार खुश था. लेकिन साल 2020 में कोरोना महामारी के कारण पूजा को काम मिलना बंद हो गया.

पूजा ने की दूसरी शादी

एक साल तक तो उसने जैसे-तैसे बच्चों को पाला. लेकिन साल 2021 में पूजा ने अपने पड़ोसी सोनू को बताया कि वो दो बच्चों को पालने में असमर्थ है. सोनू ने तब पूजा को कहा कि तुम अपना बेटा कुछ समय के लिए मुझे दे दो. मैं तुम्हारे बेटे को पालूंगा. जब तुम्हारी आमदनी अच्छी हो जाएगी तो अपना बेटा वापस ले जाना. पूजा भी मान गई. उसने अपना बेटा सोनू को दे दिया. इस बीच पूजा ने अशोक सिंह नामक शख्स से शादी कर ली.

लेकिन वो बीच-बीच में अपने बेटे से मिलने आती रहती थी. कुछ समय पहले से सोनू बहाने मारने लगा कि उसका बेटा फिलहाल घर पर नहीं है. जब भी पूजा आती, सोनू कोई न कोई बहाना बनाकर उसे वापस लौटा देता. इससे पूजा को सोनू पर शक होने लगा. फिर उसने पुलिस के पास जाकर मामला दर्ज करवा दिया.

पुलिस कर रही छापेमारी

पुलिस अधिकारी ने बताया कि पहले सोनू से पूछताछ की जाएगी. इसके लिए टेक्निकल सबूत भी जमा किए जाएंगे जिसके आधार पर आगे की जांच की जाएगी. उन्होंने बताया कि इस मामले की छानबीन गंभीरता के साथ की जा रही है. पुलिस जल्द से जल्द बच्चे को बरामद करने के लिए छापेमारी कर रही है.

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