बिहार दौरे के पहले दिन ही पीएम मोदी ने लिख दी ‘एनडीए’ के जीत की सियासी पटकथा

बिहार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के दो दिवसीय दौरे पर हैं. पीएम मोदी अपने दौरे के पहले ही दिन गुरुवार को विकास की सौगात से नवाजने के साथ-साथ सियासी माहौल बनाने की कवायद करते नजर आए. पटना में उद्घाटन और शिलान्यास के जरिए विकास की इबारत लिखने की कोशिश की, तो दूसरी तरफ गोलंबर से बीजेपी दफ्तर तक रोड शो करके बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया. इतना ही नहीं, बीजेपी नेताओं को 2025 की चुनावी जंग जीतने का भी पीएम मोदी ने मंत्र दिया, तो बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के घर जाकर सियासी समीकरण साधते नजर आए.

पीएम मोदी गुरुवार को पश्चिमी बंगाल में जनसभा करके सीधे पटना पहुंचे. उन्होंने पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन और बिहटा एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव का शिलान्यास किया. इसके बाद पटना की सड़कों पर चार किलोमीटर का रोड शो करके सियासी फिजा को पूरी तरह मोदीमय कर दिया. इतना ही नहीं पार्टी के प्रदेश नेता पदाधिकारियों, विधायकों, विधान पार्षदों और सांसदों के साथ बैठक कर नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव जीतने की सियासी पटकथा लिख दी है.

पीएम ने रोड-शो कर बनाया माहौल

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी पहली बार बिहार पहुंचे, तो पटना की सड़कों पर लोगों को हुजूम उमड़ पड़ा. पटना के एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने इनकम टैक्स गोलंबर से बीजेपी कार्यालय तक करीब चार किलोमीटर का रोड शो किया. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर एक एनिमेटेड वीडियो फिल्म दिखाई गई, जिसके जरिए राष्ट्र शक्ति के एजेंडे को सियासी धार देने की स्ट्रैटेजी मानी जा रही है. रोड शो में हजार लोग सिर पर केसरिया पगड़ी बांधे और हाथों में ब्रह्मोस व राफेल मिसाइलों के प्रतीक लिए हुए नजर आए. ये प्रतीक देश की शौर्य ताकत को दिखा रहे थे.

पीएम मोदी के रोड-शो में हजारों लोग ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लोगो वाली टी-शर्ट पहने ‘भारत माता’ की जयकारा लगा रहे थे. पीएम मोदी के स्वागत के लिए बनाए गए मंचों पर देशभक्ति के गाने बज रहे थे. इससे माहौल पूरी तरह से राष्ट्रवादी बन गया था. महिलाएं भारतीय कपड़े और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लाल रंग की पोशाक में नजर आईं. रोड-शो के दौरान पीएम मोदी के जगह-जगह शानदार तरीके से स्वागत ने सियासी फिजा को देशभक्ति में घोल दिया. इस तरह पीएम मोदी ने साफ कर दिया कि बिहार का चुनाव एनडीए राष्ट्रवाद के मुद्दे पर ही लड़ेगी और ऑपरेशन सिंदूर के जरिए बिहार की सियासी जंग फतह करेगी.

बीजेपी नेताओं को दिया जीत का मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना के बीजेपी दफ्तर के अटल सभागार में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, विधायकों, विधान पार्षदों और सांसदों के साथ बिहार चुनाव को जीतने की रणनीति साझा की. पीएम मोदी ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि बिहार जीतने का पहला और अंतिम मंत्र बूथ जीतना है. इस दौरान पीएम ने कई सांसदों, विधायकों, विधान पार्षदों एवं पार्टी पदाधिकारियों से वन टू वन संवाद किया. पार्टी नेताओं से कहा कि क्या कभी आपको नहीं लगता कि बगैर बुलाए संघ, विद्यार्थी परिषद एवं विश्व हिंदू परिषद की कार्यालय में जाएं. उन्होंने पार्टी के अनुषांगिक संगठनों को सुदृढ़ करने के भी मंत्र दिए. एक-एक बूथ जीतने के लिए कम से कम सौ वीडियो बनाने की अपील की.

पीएम मोदी ने कहा कि धैर्य रखें, जिसने भी धैर्य खोया, वो किनारे लग गया. उन्होंने खुद की मिसाल देते हुए कहा कि डेढ़ दशक तक पिछली कतार में रहने के बाद वे आगे आए हैं. पीएम मोदी ने पार्टी नेताओं को सोशल मीडिया पर फोकस करने की सलाह दी और कहा कि लोगों की समस्या सुनने, उसके समाधान निकालने पर काम करेंगे. केंद्र और राज्य की योजनाओं के प्रचार-प्रसार करने और उन्हें हर बूथ के लोगों तक पहुंचाने का टास्क दिया. साथ ही पीएम मोदी ने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने वालों को चेतावनी दी. लगभग डेढ़ घंटे के संवाद में मोदी ने कई बार संगठन, पार्टी के प्रति वफादारी राष्ट्रभक्ति का पाठ भी पढ़ाया और साथ ही बिहार की चुनाव जीतने का मंत्र दे गए.

डिप्टी सीएम के घर पहुंचे पीएम मोदी

बीजेपी नेताओं के साथ पार्टी कार्यालय में बैठक के बाद पीएम मोदी सीधे बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के घर पहुंचे. पीएम मोदी ने विजय सिन्हा के बेटे गोविंद की रिंग सेरेमनी में शामिल होकर आशीर्वाद दिया और उनके नए जीवन की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दी. इस तरह पीएम मोदी ने डिप्टी सीएम के घर पहुंचकर सिर्फ वर-वधू को आशिर्वाद ही नहीं बल्कि सियासी संदेश देने और बिहार के समीकरण को साधने की स्ट्रैटेजी मानी जा रही है. विजय सिन्हा बिहार में बीजेपी के बड़े नेता हैं और नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार में डिप्टी सीएम हैं.

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा भूमिहार जाति से आते हैं, जो बीजेपी का कोर वोटबैंक माना जाता है. बिहार में भले ही भूमिहार जाति की आबादी तीन फीसदी हो, लेकिन सियासी असर उससे कहीं ज्यादा है. प्रदेश के सवर्णों में सबसे ज्यादा वर्चस्व भूमिहार समाज का है. इस तरह से पीएम मोदी विजय सिन्हा के घर जाकर एक तरफ भूमिहार समुदाय को सियासी संदेश देते नजर आए, तो दूसरी तरफ पार्टी के नेताओं को भी मैसेज दिया है. नरेंद्र मोदी ने विजय सिन्हा के घर जाकर पार्टी के नेताओं को यह संदेश दिया है कि वे पार्टी के हर एक नेता का सम्मान करते हैं और अगर टाइम रहता तो उसके घर जाने से नहीं हिचकते. इस तरह पीएम मोदी ने अपने दौरे के पहले ही दिन बिहार चुनाव की सियासी जंग फतह करने की पटकथा लिख दी है.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry