बालाघाट। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सीमा पर अबूझमाड़ के जंगल में हुई पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में बालाघाट निवासी नक्सली जगदीश सहित तीन नक्सली मारे गए हैं। इनमें एक महिला नक्सली भी मारी गई है। मारे गए पुरुष नक्सलियों की पहचान रूपेश और जगदीश के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, नक्सली जगदीश डिविजनल कमेटी मेंबर के रूप में कार्य कर रहा था, जिस पर 16 लख रुपए का इनाम घोषित था।
मप्र में नक्सली गतिविधियों की शुरुआत से सक्रिय था
जगदीश बालाघाट जिले का निवासी था। वह मप्र में नक्सली गतिविधियों की शुरुआत से सक्रिय था। वर्तमान में डिविजनल कमेटी मेंबर के रूप में गढ़चिरौली क्षेत्र में सक्रिय था। जगदीश पर मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र तथा छत्तीसगढ़ राज्य में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध हैं।
वहीं, नक्सली रूपेश दंडकारण्य स्पेशल जोन कमेटी सदस्य के रूप में कार्य कर रहा था। वह मिलिट्री कंपनी क्रमांक 10 के कमांडर के रूप में गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) में सक्रिय था। रूपेश पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
नक्सली विचारधार से दूर रहें, उज्ज्वल भविष्य बनाएं: एसपी
पुलिस अधीक्षक नगेंद्र सिंह ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि ग्रामीण अपने नौजवान पुत्र व पुत्री को नक्सली गतिविधियों में शामिल होने के परिणामों से अवगत कराएं तथा नक्सली विचारधारा से दूरी बनाते हुए उन्हें अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें।
अपने बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाएं। नक्सल समस्या समाधान में पुलिस की मदद करें। मध्यप्रदेश में नक्सल विरोधी अभियान के तहत नई नक्सली आत्मसमर्पण नीति लागू की गई है। इसमें स्वरोजगार के साथ वित्तीय मदद देने के कई प्रावधान शामिल किए गए हैं।
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