बरेली हिंसा में मौलाना तौकीर रजा अरेस्ट, 2000 पत्थरबाजों पर FIR, 31 लोग हिरासत में

उत्तर प्रदेश

यूपी के बरेली में शुक्रवार को हुए बवाल और हिंसा के बाद आज पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर लिया गया है. मौलाना तौकीर रजा समेत 8 लोगों को पुलिस ने जेल भेजा है. इतना ही नहीं, बरेली में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 31 लोगों को हिरासत में लिया है. साथ ही 2000 पत्थरबाजों पर भी केस दर्ज किया गया है. हंगमे की जगह से तमंचा, पेट्रोल की बोतलें बरामद की गई हैं. बरेली में जगह-जगह सुरक्षा बलों की तैनाती है. फिलहाल यहां हालात सामान्य दिख रहे हैं. अभी तक इस मामले में 10 एफआईआर दर्ज हुए हैं.

बरेली में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती है. यही वजह है कि बरेली के बाजारों में आज सन्नाटा पसरा रहा. दरगाह आला हजरत वाली गली, जहां मौलाना तौकीर रजा का घर भी है, वहां पर भी भारी पुलिसबल की तैनाती है. सभी जगहों पर शांति है. यहां ज्यादातर दुकानें बंद हैं और कोई शुक्रवार को हुए बवाल पर बात नहीं करना चाहता. बरेली में कल हिंसा और बवाल के बाद आज यहां के तमाम व्यापारी एसपी सिटी मानुष पारीक से मिले.

व्यापारी अब भी दहशत में

व्यापारियों का कहना है कि कल जिस तरह से बवाल और हिंसा हुई, उसमें व्यापारियों ने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई और अपने दुकानों को बचाया, लेकिन व्यापारी अब भी दहशत में हैं. व्यापारियों ने साफ कहा कि मौलाना तौकीर रजा पर बड़ी कार्रवाई की जाए और उनको जेल भेजा जाए. मौलाना तौकीर रजा ने 2010 में भी दंगा कराया था. व्यापारियों का कहना है कि लोग डरे हुए हैं और व्यापार को काफी नुकसान हुआ है.

डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. डीएम ने बताया कि तौकीर रजा को पहले समझाया गया था. उनको नोटिस भी दिया गया था कि प्रदर्शन की कोई अनुमति नहीं है. धारा 163 लागू होने की सूचना दी गई थी. मौलाना के साथ बैठक भी हुई थी.नफीस, नदीम के सिग्नेचर की चिट्ठी मिली थी कि कोई कार्यक्रम नहीं होगा, लेकिन बाद में खंडन भी आ गया.

दो-तीन हजार लोग अलग-अलग समूह में थे

हम दोनों के टच में हैं. मौके से पत्थर, चाकू, लाठी डंडे, ब्लेड, पेट्रोल के साथ बोतलें और तमंचे बरामद हुए हैं. पिछले 7 दिनों से हम इन लोगों से संवाद कर रहे थे कि आप ऐसा आयोजन ना करें, लेकिन इन लोगों ने बिल्कुल नहीं सुना. ऐसा ज्ञात हुआ है कि व्हाट्सएप के जरिए जनपद के बाहर से भी लोग आए थे. दो-तीन हजार लोग अलग-अलग समूह में थे. कहीं 100, कहीं 200 और कहीं 300 लोग थे. सभी के पुराने केस खंगाले जाएंगे.

22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं

एसएसपी ने बताया कि हिंसा में बाहरी लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है. नदीम नाम का शख्स भी आरोपी है, जो फिलहाल फरार है. उसकी तलाश जारी है. नदीम लगातार फोन कॉल और ह्वाट्सऐप के माध्यम से कई लोगों के संपर्क में था. मौलाना को फिलहाल बरेली जेल ही भेजा गया है. घटना में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. मौके से तमंचा और खोके भी बरामद किये गए. प्रदर्शन में लोगों को बुलाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था और लोगों को जोड़ा गया था. 31 लोग हिरसत में हैं, जिनसे पूछ ताछ चल रही है.

आई लव मोहम्मद कैंपन को लेकर बरेली में बीते कल अचानक हिंसा भड़की और फिर पूरा शहर दहल गया. दोपहर बाद शुरू हुआ तनाव धीरे-धीरे बहुत ज्यादा बढ़ा गया. श्यामगंज, नावल्टी तिराहा और खलील स्कूल तिराहे पर पुलिस और भीड़ आमने-सामने आ गई. कई घंटों तक शहर के बड़े हिस्से में पत्थरबाजी और हिंसा हुई.

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