पटियाला : पंजाब में बच्चों से भीख मंगवाने वालों के अब खैर नहीं है। पंजाब पुलिस को सख्त आदेश जारी हुए हैं कि ऐसे माता-पिता को बख्शा नहीं जाए बाल श्रम अधिनियम के तहत जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स की बैठक यहां अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) ईशा सिंगल की अध्यक्षता में हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री फील्ड अधिकारी डॉ. नवजोत शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. शाइना कपूर, सहायक कमिश्नर श्रम जसबीर सिंह खरौड़ सहित पुलिस, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य व जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक के दौरान ईशा सिंघल ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उन अभिभावकों के खिलाफ जेजे एक्ट की धारा 76 के तहत पुलिस कार्रवाई करें जो अपने बच्चों से भीख मंगवाते हैं। जनवरी से मार्च तक जिला टास्क फोर्स ने 53 स्थानों पर छापेमारी कर 4 बच्चों को मुक्त कराकर बाल गृह भेज दिया है, साथ ही एफआईआर भी दर्ज की है। उन्होंने कहा कि समाज में बाल श्रम की बुराई को खत्म करने के लिए बच्चों के संरक्षण के लिए बनाए गए कानूनों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करना आवश्यक है।
बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला टास्क फोर्स की अहम जिम्मेदारी है और इसमें शामिल प्रत्येक विभाग को बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करना चाहिए। जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. शाइना कपूर ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल श्रम को रोकने के लिए समय-समय पर छापेमारी की जाती है तथा हेल्पलाइन नंबर 1098 पर आने वाली कॉलों का भी समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाता है।
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