बंगाल में चुनावी धांधली का शक! एक शख्स के बैग से मिले सैकड़ों वोटर कार्ड, SIR के आने से पहले ही मचा हंगामा

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पश्चिम बंगाल के कल्याणी जिले में एक शख्स के पास सैकड़ों वोटर कार्ड बरामद होने से हड़कंप मच गया. उस व्यक्ति के पास इतने सारे वोटर कार्ड कहां से आए? क्या ये सभी असली हैं या नकली? पुलिस इसकी जांच कर रही है. पुलिस ने इस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने जिला मजिस्ट्रेट से रिपोर्ट मांगी है. बंगाल में जल्द ही एसआईआर शुरू होने की संभावना है. उससे पहले इतनी बड़ी संख्या में वोटर कार्ड मिलने से हड़कंप मच गया है.

यह घटना कल्याणी जिले के वार्ड क्रमांक 7 के मध्य चार इलाके में हुई है. वहां एक व्यक्ति के बैग से सैकड़ों वोटर कार्ड बरामद किए गए. शुक्रवार सुबह दो स्थानीय युवकों को उस व्यक्ति को देखकर शक हुआ. इसके बाद उन्होंने उस व्यक्ति से पूछताछ शुरू की. उसका बैग खोलने पर उन्हें कई वोटर कार्ड मिले. फिर स्थानीय लोगों ने संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी गई.

हिंदमोटर का रहने वाला है आरोपी व्यक्ति

पुलिस पहुंची और पूछताछ शुरू की. पता चला है कि वह व्यक्ति हुगली जिले के हिंदमोटर का रहने वाला है. उसका नाम उत्तम प्रसाद है. वह कल्याणी सीमा पर अपनी बहन के घर आया था. उसका कहना है कि रास्ते में टहलते हुए उसकी नजर घास के नीचे दबे वोटिंग कार्ड पर पड़ी. उसने घास हटाकर उन्हें अपने पास रख लिया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, संदिग्ध व्यक्ति के पास से लगभग सौ वोटर कार्ड बरामद हुए हैं. इनमें से तीन असम के हैं. बाकी कल्याणी के अलग-अलग वार्डों के हैं.

लेकिन क्या ये कार्ड वाकई इकट्ठा किए गए थे? या वह व्यक्ति कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा है? और अगर उसकी बात सच है, तो इतने सारे वोटर कार्ड सड़क किनारे किसने छोड़े? ये सारे सवाल चुनाव से पहले पूछे जा रहे हैं.

वोटर कार्ड मिलने पर गरमाई सियासत

बिहार के बाद अब पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) शुरू करने की चुनाव आयोग तैयारी कर रहा है. ऐसे में सैंकड़ों वोटर कार्ड मिलने से सवाल उठने लगे हैं.

इलाके के भाजपा विधायक अंबिका रॉय ने कहा, ‘मैंने सुना है कि लगभग 1,000 वोटर कार्ड मिले हैं. ये किसके पास थे? किसने छोड़े? इन कार्डों का इस्तेमाल चुनाव के दौरान गुप्त मतदान में किया जाता है. उन्होंने कहा कि जब ‘SIR’ को लेकर माहौल गरमा रहा है, तो वे परेशान हो रहे हैं. इसलिए ये वोटर कार्ड सड़क किनारे फेंक दिए गए हैं.

दूसरी ओर, कल्याणी तृणमूल नेता बिप्लब दे सजल ने कहा, “किसी से भी पूछ लीजिए, हमारा कोई भी कार्यकर्ता इन घटनाओं में शामिल नहीं हैं. वे सीएए को लेकर आपस में ही झगड़ा पैदा कर रहे हैं. उन्होंने कल्याणी जैसी शांतिपूर्ण जगह में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.

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