जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के बाद अब राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी समीकरण सेट किए जाने लगे हैं. इस बार के चुनाव में फारूक अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. चुनाव में जीत के बाद अब सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस बीच फारूक अब्दुल्ला के राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा भी शुरू हो गई है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख डॉ फारूक अब्दुल्ला राज्यसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व करने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि पार्टी अब फारूक अब्दुल्ला को राज्यसभा भेजेगी. फारूक अब्दुल्ला अभी सौरा, श्रीनगर से लोकसभा सांसद हैं. माना जा रहा है कि पार्टी अब उन्हें राज्यसभा भेजेगी. अगर ऐसा होता है तो फिर सौरा, श्रीनगर सीट पर उपचुनाव होंगे.
नई विधानसभा बन जाने के बाद पार्टी करेगी फैसला
सूत्रों ने कहा कि एक बार नई विधानसभा बन जाए तो हम राज्यसभा के लिए चुनाव कराएंगे. पार्टी के भीतर इस बात पर आम सहमति है कि फारूक अब्दुल्ला को राज्यसभा में जाकर एनसी का प्रतिनिधित्व करना चाहिए और जम्मू-कश्मीर के लोगों के मुद्दों को भी उठाना चाहिए. एक बार विधानसभा का गठन हो जाएगा तो केंद्र शासित प्रदेश में पहली बार साढ़े तीन साल बाद राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिलेगा.
10 साल बाद हुए चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन की जीत
जम्मू-कश्मीर में इस बार करीब 10 साल बाद विधानसभा चुनाव हुए हैं. इसमें एनसी-कांग्रेस गठबंधन को 42 सीटें मिली हैं जबकि बीजेपी के हिस्से 29 सीटें आई हैं. ऐसे में नए विधानसभा के गठन के बाद यहां राज्यसभा चुनाव भी होंगे. चुनाव में एनसी-कांग्रेस गठबंधन कोटे से फारूक अब्दुल्ला को राज्यसभा भेजा जा सकता है.
पहले भी राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं फारूक अब्दुल्ला
फारूक अब्दुल्ला इससे पहले भी राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं. साल 2002 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे, इसके बाद 2009 में फिर से राज्यसभा सांसद चुने गए. 2009 में ही उन्होंने राज्यसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था और श्रीनगर से लोकसभा चुनाव लड़े और जीत कर लोकसभा पहुंचे.
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