फलों-सब्जियों के बाद लोगों को एक और झटका, पढ़ें अब क्या हुआ महंगा…

पंजाब

अमृतसर: फलों व सब्जियों की आसमान छूती कीमतों के बाद अब आम जनता को मंहगे आटे की मार पड़ रही है। जानकारी के अनुसार आटे की कीमतों मेंं प्रति बैग (10) किलो 60 से 70 रुपए तक की बढ़ौतरी हो गई है। ब्रांडेड आटे के साथ साथ खुले में बिकने वाला साधारण चक्कियों का आटा भी इस समय 380 रुपए बैग (10) किलो बिक रहा है, जिससे मध्यमवर्गीय लोग परेशान है क्योंकि आमतौर पर जो नीलेकार्ड धारक है वह सरकार की तरफ से मिलने वाला फ्री गेहूं या दो रुपए किलो वाले गेहूं का सेवन करते हैं। अमीर आदमी को 100-50 से कोई फर्क नहीं पड़ता है लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित मध्यमवर्गीय व्यक्ति ही होता है। हालात यह है कि इस समय साधारण ब्रांड से लेकर बड़े ब्रांड के आटे 400 रुपए प्रति बैग जिसमें दस किलो आटा होता है बिक रहे हैं। वहीं इस मामले में कालाबाजारी की भी आशंका सामने आ रही है क्योंकि जब भी केन्द्र सरकार की तरफ से या राज्य सरकार की तरफ से अपनी नीतियों में कुछ उल्ट फेर किया जाता है तो इसका सबसे ज्यादा फायदा कालाबाजारी करने वाले ही उठाते हैं।

देश के अन्न भंडार में 45 प्रतिशत योगदान देने वाले पंजाब में गेहूं की कमी
गेहूं के मामले में एक हैरानीजनक पहलू यह भी सामने आ रहा है कि देश के अन्न भंडार में 45 प्रतिशत तक गेहूं की आपूर्ति करने वाले पंजाब में इस समय गेहूं की शार्टेज चल रही है जो नंगी आंखों से देखे तों यकीन नहीं होता है लेकिन फ्लोर मिल कारोबारियों की तरफ से दिए गए आंकड़ों को देखे तो सच्चाई कुछ और ही नजर आती है। पंजाब रोलर फ्लोर मिल्स एसोसिएशन की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार इस समय पंजाब में गेहूं की बड़ी शार्टेज है। पंजाब में 175 लाख टन गेहूं पैदावार होती है। इसमें 135 लाख टन सरपलस है जिसमें से केन्द्र सरकार 123 लाख टन पीडीएफ सिस्टम में ले गई और बाकि बचे 12 लाख टन में प्रति माह 2 लाख टन की कंज्मंशन है जो छह महीने में कंजूयम हो गई। इस समय हरियाणा, यू.पी., राजस्थान का गेहूं आ रहा है। केन्द्र सरकार की तरफ से ओ.एम.एम.एस. ( ओपन मार्कीट सेल्स स्कीम) सिस्टम जुलाई में डिक्लेयर की जाती है लेकिन इस बार अभी तक टैंडर नहीं निकाले पिछले तीन महीनों से इन राज्यों का गेहूं पंजाब में आ रहा है और आम जनता मंहगाई की चक्की में पिस रही है।

रिटेल करियाना मर्चेंट एसोसिएशन ने भी जताई चिंता
आटे की कीमतों में 35 प्रतिशत तक उछाल आने के बाद रिटेल करियाना मर्चेंट एसोसिएशन ने भी चिंता व्यक्त की है क्योंकि पहले ही सरसों तेल, सोयाबीन तेल, वनस्पित घी, पाम ऑयल व खाने पीने वाले तेलों में 40 से 45 प्रतिशत तक बढ़ौतरी हो चुकी है। 100 रुपए लीटर बिकने वाला तेल इस समय 150 से 160 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। सब्जियों की कीमतें पहले ही आसमान छू रही है। एसोसिएशन के प्रधान ओंकार गोयल, कुलदीप राय गुप्ता, कामरेड बूटा राम, नवल किशोर शर्मा ने कहा कि रिटेल करियाना कारोबार में मंदी का दौर चल रहा है और आम जनता मंहगाई की चक्की में पिस रही है। सरकार सब कुछ जानकर भी अनजान बन रही है। एसोसिएशन ने सरकार से अपील की है कि उपरोक्त वस्तुओं जिसमें आटा व अन्य खाने पीने वाली वस्तुओं के दाम कम करने के लिए सख्त प्रयास किए जाएं।

खरीद एजैंसियों के गोदामों में कई बार सड़ चुका है करोड़ों का गेहूं
पंजाब में गेहूं की शार्टेज की बात करें तो पता चलता है यह वही पंजाब है जिसमें कई बार सरकार की खरीद एजैंसियों के गोदामों में करोड़ों रुपयों का गेहूं पड़ा पड़ा खराब हो जाता है और खाने लायक नहीं रहता है। यह वही पंजाब है जहां कभी भी अनाज की कोई कमी नहीं रही है लेकिन मौजूदा हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं।

केंद्र सरकार से ओ.एम.एम.एस. टैंडर निकालने की अपील
फ्लोर मिल्स एसोसिएशन के प्रधान नरेश घई ने कहा कि केन्द्र सरकार से कई बार अपील की है कि ओ.एम.एम.एस. सिस्टम के टैंडर निकाल जाएं ताकि पड़ोसी राज्यों से गेहूं की खरीद रुक सके और पंजाब का गेहूं पंजाब में ही कंज्यूम हो सके।

खाने पीने वाली वस्तुओं के दाम सामान्य करे सरकार
रिटेल करियाना मर्चेंट एसोसिएशन के वरिष्ठ नेता नवल किशोर अग्रवाल ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार को मिलकर खाने पीने वाली वस्तुओं के दाम सामान्य करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि आम जनता मंहगाई की मार से बचे सके और रिटेल करियाना कारोबार फिर से प्रफुल्लित हो सके।

जल्द की जाएगी केन्द्र सरकार से बातचीत
द फैडरेशन ऑफ करियाना एंड ड्राईफ्रूट कमर्शियल एसोसिएशन के अध्यक्ष एव भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ पंजाब के उप-प्रधान अनिल मेहरा ने कहा कि गेहूं के मामले में ओ.एम.एम.एस. सिस्टम के टैंडर जल्द लगाने के लिए केन्द्र सरकार के साथ बातचीत की जाएगी ताकि आम जनता को मंहगाई से राहत मिल सके।

कालाबाजारी रोकने के लिए करवाई जाएगी जांच
जिला मैजिस्ट्रेट एव डिप्टी कमिशनर साक्षी साहनी ने कहा कि गेहूं व आटे के मामले में यदि कोई कालाबाजारी कर रहा है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की जांच करवाई जाएगी।

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