फर्जी NRI Marriage Bureau मामला, हिमाचल से मैनेजर गिरफ्तार

पंजाब

जालंधर : जी.टी.बी. नगर से चलाए जा रहे फर्जी एन.आर.आई. मैरिज ब्यूरो के पकड़े जाने के मामले में पुलिस ने मैरिज ब्यूरो के मैनेजर परमजीत सिंह पम्मा को हिमाचल प्रदेश के पीर निगाह से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को 3 दिन पहले ही पुलिस ने इस केस में नामजद किया था जिसके साथ-साथ राजविंदर कौर का नाम भी साथ ही जोड़ा गया था।

सी.आई.ए. स्टाफ के इंचार्ज सुरेंद्र कुमार कंबोज ने बताया कि परमजीत सिंह उर्फ पम्मा और राजविंदर कौर को नामजद करने के बाद वह दोनों की गिरफ्तारी के लिए टेक्निकल रिसोर्स से उनकी तलाश कर रहे थे। उन्हें सूचना मिली कि परमजीत सिंह पम्मा इस समय पीर निगाह में है जहां पर रेड करके पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी डालने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया जहां से उसे जमानत मिल गई।

पुलिस की माने तो परमजीत सिंह पम्मा एकमात्र छोटा सा प्यादा है। इस सारे फर्जी एन.आर.आई. मैरिज ब्यूरो की कमान खुद कनाडा बैठा प्रदीप बैंस के हाथ में है। वहीं यह बात भी सामने आई है कि जालंधर में रखा गया स्टाफ मात्र ट्रेनिंग अनुसार क्लाइंट्स को अपने जाल में फंसाता था, जिसके बाद अपनी एप में फर्जी प्रोफाइल बनाकर प्रति क्लाइंट से 500 डॉलर प्रदीप सिंह बैंस के कनाडा स्थित निजी बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए जाते थे।

वर्ष 2016 से चल रहे इस फर्जी एन.आर.आई. मैरिज ब्यूरो में अन्य कई लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका खांगली जा रही है। आने वाले समय में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती है। हाल में ही नामजद की राजिंदर कौर अभी फरार है जिसकी तलाश में सी.आई.ए. स्टाफ की टीम लगातार छापामारी कर रही है।

बता दें कि सी.आई.ए. स्टाफ ने जी.टी.बी. नगर में रेड करके फर्जी एन.आर.आई. मैरिज ब्यूरो का पर्दाफाश करते हुए मौके से 20 लोगों का स्टाफ और स्टाफ को हैंडल कर रहे हैं विशाल और संजय नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। हालांकि स्टाफ को पुलिस ने पूछताछ में सहयोग देने का बोल छोड़ दिया था परंतु विशाल और संजय की गिरफ्तारी डालकर दोनों को रिमांड पर लिया था। पुलिस ने फर्जी एन.आर.आई. मैरिज ब्यूरो से कुछ कम्प्यूटर, पेन ड्राइव्स, फोन आदि बरामद किए थे। विशाल और संजय की पूछताछ में सामने आया था कि कनाडा रहता प्रदीप सिंह बैंस और उसकी पत्नी ही मास्टरमाइंड है जो 2016 से इस मैरिज ब्यूरो को हैंडल कर रहे थे।

वहीं यह भी बात सामने आई थी कि प्रदीप सिंह बैंस और उसकी पत्नी रखे जाने वाले स्टाफ की वीडियो कॉलिंग करके इंग्लिश में इंटरव्यू लेते थे और जिस युवक या युक्ति की इंग्लिश बोलने की स्पीड ज्यादा रहती थी उसे वह कर्मचारी के तौर पर जॉब पर रख लेते थे। आरोपी इतने शातिर थे कि उन्होंने अपने स्टाफ को विदेशी नंबर दिए हुए थे। कनाडा के समय अनुसार ही मैरिज ब्यूरो का स्टाफ क्लाइंट से कॉल और बात करते थे। इन लोगों ने कई पंजाबी एन.आर.आई. लोगों के अलावा भारत और विदेश में रहने वाले लोगों को भी ठगी का शिकार बना रखा है। सूत्रों का दावा है कि यह लोग अब तक 120 से 150 करोड़ रुपए की ठगी कर चुके हैं।

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