फंस गए कथावाचक प्रदीप मिश्रा! 5 साल में हुई मौतों पर जांच की मांग, कांवड़ यात्रा में भी हुई थी बदइंतजामी

मध्य प्रदेश

सीहोर: मध्यप्रदेश के सीहोर में विट्ठलेश सेवा समिति और पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा 6 अगस्त को निकाली गई कांवड़ यात्रा अब विवादों में घिर गई है। बदइंतजामी और शासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाने के आरोपों के साथ सीहोर सर्व ब्राह्मण समाज के पूर्व जिला उपाध्यक्ष पंकज शर्मा ने मानव अधिकार आयोग में ज्ञापन सौंपा है।

मौतों और अव्यवस्था की जिम्मेदारी तय करने की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले 5 वर्षों में प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वरधाम में अव्यवस्था और भगदड़ जैसी घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों और घायलों के सही आंकड़े सामने लाकर समिति की जिम्मेदारी तय की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

पीड़ित परिवारों को मुआवजा और भविष्य की गारंटी
पंकज शर्मा ने मांग की कि मृतकों और घायलों के परिजनों को उचित मुआवजा मिले। साथ ही समिति से यह शपथ पत्र लिया जाए कि भविष्य में पर्याप्त इंतजाम होंगे और यदि ऐसी कोई घटना दोबारा घटती है, तो समिति का पंजीयन रद्द कर उसकी संपत्ति राजसात की जाए।

डीजे और ट्रैफिक जाम से बिगड़ी कानून व्यवस्था
ज्ञापन में आरोप है कि यात्रा के दौरान शासन-प्रशासन के निर्देशों को अनदेखा कर एक दर्जन से अधिक डीजे बजाए गए, जिससे कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई। ट्रैफिक जाम की वजह से एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी सेवाएं भी बाधित हुईं, जो किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थीं। इस उल्लंघन पर समिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।

स्वच्छ भारत मिशन पर सवाल
पंकज शर्मा ने समिति पर श्रद्धालुओं के लिए शौचालय और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था न करने का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि यात्रा स्थल पर फैली गंदगी बारिश के पानी के साथ मिलकर आसपास के गांवों में बीमारी और महामारी फैला सकती है। ऐसे हालात में नगर पालिका द्वारा प्रदीप मिश्रा को स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर बनाए रखना समझ से परे है। उन्होंने मांग की कि यह पद तत्काल वापस लिया जाए और किसी योग्य व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जाए।

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