प्रदूषण पर दिल्ली सरकार के जवाब से हम संतुष्ट नहीं: सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली

देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के कारण हालात खराब बने हुए हैं. हर रोज बढ़ते प्रदूषण के कारण सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेप-4 लागू कर दिया था. प्रदूषण से मामले पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि वह दिल्ली सरकार के जवाबों से संतुष्ट नहीं है. जिसके कारण् सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के वकील को फटकार लगाई है. मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम दिल्ली सरकार के हलफनामे से संतुष्ट नहीं हैं. दिल्ली- NCR में वायु प्रदूषण मामले पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किया.

113 प्वाइंट पर बनाई जाए चेकपोस्ट

दिल्ली में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण पर सख्त रवैया अपनाते हुए कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में प्रवेश के सभी 113 प्वाइंट पर तुरंत चेकपोस्ट स्थापित करें. कोर्ट ने कहा कि एंट्री प्वाइंट पर लगातार लापरवाही बरती जा रही है. चेकपोस्ट पर मौजूद स्टॉफ को आदेश दिए जाएं कि ग्रेप -4 के नियम के अनुरूप ही ट्रकों का दिल्ली में प्रवेश हो.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 113 प्रवेश बिंदुओं में से 13 प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी रखी जाती है ताकि GRAP चरण IV के खंड A और B का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लगभग 100 प्रवेश बिंदु मानव रहित हैं और ट्रकों के प्रवेश की जांच करने वाला कोई नहीं है.

वकील पता करेंगे GRAP-4 के नियमों का हो रहा पालन या नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि CAQM द्वारा पारित आदेशों के बावजूद, दिल्ली सरकार और पुलिस की ओर से GRAP चरण IV के तहत धाराओं का पालन करने में विफलता रही है. सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि 13 प्रवेश बिंदुओं पर CCTV कैमरे लगे हैं और उसने CCTV फुटेज जल्द से जल्द मामले में एमिकस क्यूरी को देने का निर्देश दिया. बार के 13 वकील विभिन्न प्रवेश बिंदुओं पर जाएंगे और यह पता लगाएंगे कि उन प्रवेश बिंदुओं पर GRAP-4 नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं.

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