छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके बीजापुर में माओवादियों ने दो पूर्व सरपंचों हत्या कर दी. माओवादियों ने पहले दोनों पूर्व सरपंचों का अपहरण किया था. घटना के बाद से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है. पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन कर दिया है. हत्या की सूचना होने के बाद से ही पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. बताया जा रहा है कि माओवादी पिछले काफी समय से दोनों सरपंचों की हत्या की प्लानिंग कर रहे थे.
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में माओवादियों ने दो पूर्व सरपंचों का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के नैमेड और भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार रात पूर्व सरपंच सुखराम अवलम और सुकालु फरसा का माओवादियों ने अपहरण कर लिया था. अपहरण के कुछ समय बाद ही दोनों सरपंचों की माओवादियों ने बेरहमी से हत्या कर दी. सुखराम कृषि कार्य के लिए अपने पैतृक गांव खादर गए थे.
जंगल मेंं ले जाकर की हत्या
इसी दौरान वह एक निजी काम से कैका गांव में गए थे. सुखराम कैका गांव से अपने पैतृक गांव खादर लौट रहे थे. इसी बीच दो अज्ञात लोग सुखराम को खींचकर जंगल की ओर ले गए. बाद में माओवादियों ने उसकी हत्या कर शव को खादर-कैका मार्ग पर फेंक दिया. पुलिस ने शव के पास से गंगालुरू एरिया कमेटी माओवादियों का एक पत्र जब्त किया है, जिसमें उन्होंने हत्या करने की पीछे की वजह से बारे में लिखा है.
क्यों की हत्या?
माओवादियों के पत्र में लिखा था कि दोनों मृतक भाजपा कार्यकर्ता थे. दोनों ने पुलिस शिविर स्थापित करने में उनकी मदद की थी. इसी बात से नाराज होकर हमने उनकी हत्या की है. इस लेटर के जरिये माओवादियों ने लोगों को चेतावनी देने का भी काम किया है. कादर गांव के पूर्व सरपंच अवलम बीजापुर के शांति नगर के रहने वाले थे.
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