मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है. महिला के साथ साइबर ठगी कर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाने वाले 3 जालसाजों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इन जालसाजों ने महिला शिक्षिका को जाल मे फंसा कर ठगी की थी. जलासाज लगातार रुपयों का दबाव बना रहे थे जिससे डर कर शिक्षका ने सुसाइड कर लिया था. पुलिस ने साइबर सेल की मदद से राजस्थान के अलवर से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. ठगों ने पुराने सिक्कों का खरीददार बनकर शिक्षिका को जाल में फंसाया और फिर एफआईआर होने की धमकी देकर डराया धमकाया था. जिसके बाद महिला ने आत्मघाती कदम उठाया था.
जानकारी के मुताबिक, मऊगंज की रेशमा पाण्डेय ने जहर खा लिया था. 5 जनवरी को रेशमा की संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में मौत हो गई थी. रेशमा की मौत के बाद भी जालसाज लगातार उसे फोन कर रहे थे. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और मामला दर्ज करते हुए साइबर सेल की टीम को जांच सौंप दी.
पुराने सिक्कों के बदले पैसे देने का दिया था लालच
मृतिका रेशमा के मोबाइल पर 17 दिसंबर 24 से 05 जनवरी 2025 के बीच जालसाजों के कई फोन आने की जानकारी मिली. साइबर ठगों ने मृतिका को पुराने सिक्के के बदले पैसे देने का लालच देकर कई बार ट्रांजेक्शन कराया. जब मृतिका ने रुपए देने से मना किया तो आरोपियों ने आधार कार्ड से एफआईआर दर्ज होने की धमकी देकर आर्मी और पुलिस का डर दिखा कर प्रताड़ित किया. जिससे प्रताड़ित होकर मृतिका रेशमा ने आत्महत्या कर ली.
पुलिस ने आरोपियों को किया अरेस्ट
डीआईजी साकेत प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि जांच के दौरान पुलिस को अज्ञात आरोपियों के बारे में जानकारी मिली. पुलिस को जांच के दौरान जानकारी मिली कि आरोपी राजस्थान के अलवर जिले क रहने वाले हैं. आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम को अलवर भेजा गया. साइबर सेल की मदद से साहिल खान, मुफेद खान और फरदीन खान को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों को रिमांड पर लेकर मऊगंज लाया गया है जिनसे अन्य घटनाओं के बारे में पूछताछ की जा रही है.
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