पहले फोन, फिर बाइक और अब ट्रैक्टर… राजस्थान में एक ही महीने में कांग्रेस विधायक 3 बार हुए चोरी का शिकार

राजस्थान

राजस्थान में कांग्रेस विधायक के साथ चोरी की अलग ही वारदात सामने आई है. विधायक को एक बार नहीं बल्कि एक ही महीने में चोरों ने तीन बार निशाना बनाया. जहां पहले विधायक का फोन चोरी हुआ, उसके बाद चोरों ने उनकी मोटरसाइकिल को गायब कर दिया. हालांकि, अब चोरों ने उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली पर हाथ साफ किया है.

विधायक दीन दयाल बैरवा ने सोमवार को इस चोरी की जानकारी दी. उन्होंने कहा, रविवार रात को दौसा स्थित उनके आवास से उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली भी अब गायब हो गई है. विधायक दीन दयाल बैरवा ने चोरी के बाद पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए, यह गंभीर मामला है कि चोर एक विधायक के घर में इस तरह से चोरी कर रहे हैं. यह पुलिस पर सवाल उठाता है और उन पर जो भरोसा है उसको तोड़ता है. अगर एक विधायक के साथ ऐसा हो रहा है तो आप आम आदमी की सुरक्षा कैसे कर सकते हैं?

कब हुई चोरी की कहानी शुरू?

विधायक के साथ चोरी की यह कहानी 11 जून को शुरू हुई. जब दौसा में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की 25वीं बरसी पर आयोजित प्रार्थना सभा का वो हिस्सा बने थे. तभी उनका फोन चोरी हो गया था. विधायक ने कहा, इससे पहले मेरी एक कील भी चोरी नहीं हुई थी और अब ये लगातार तीन चोरियां हो गई हैं.

कैसे हुई बाइक चोरी?

फोन चोरी होने के कुछ ही समय बाद, उनके आवास से उनकी बाइक चोरी हो गई. विधायक बैरवा ने कहा, जब मोटरसाइकिल चोरी हुई, तो मेरे घर का फ्रंट कैमरा काम नहीं कर रहा था और दूसरा कैमरा उस चोरी को कैद नहीं कर सका.

विधायक ने कहा, कंस्ट्रक्शन के चलते कैमरे को पूरी तरह से हटा दिया गया था. लेकिन एक कैमरा भी उन्हें नहीं रोक सकता क्योंकि चोर आसानी से अपना चेहरा ढक सकते हैं.

पुलिस कर रही मामले की जांच

दौसा के पुलिस अधीक्षक सागर ने कहा, अभी तक हमें ट्रैक्टर-ट्रॉली की चोरी की कोई शिकायत नहीं मिली है. मोबाइल फोन के लिए हमें शिकायत मिली थी और FIR दर्ज की गई थी. विधायक बैरवा ने कहा कि उन्होंने आज सुबह एसपी से बात की और अधिकारी ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया.

कांग्रेस ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल

विधायक के साथ एक ही महीने में हुई तीन बार चोरी के बाद कांग्रेस पार्टी ने इसको लेकर बीजेपी पर सवाल खड़े किए हैं. पार्टी ने राजस्थान में बीजेपी सरकार की कानून व्यवस्था को संभालने की आलोचना की.

राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीका राम जूली ने कहा, यहां तक ​​कि विधायक भी सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया, राज्य की कानून व्यवस्था की हालत इतनी गंभीर हो गई है. चोर, डकैत और माफिया बेखौफ हैं और पुलिस प्रशासन चुप है. उन्होंने कहा कि गृह विभाग का नेतृत्व स्वयं मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा कर रहे हैं. पहली बार विधायक बने दीन दयाल बैरवा मौजूदा कांग्रेस विधायक मुरारी लाल मीना के लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद पिछले नवंबर में हुए उपचुनाव में दौसा से चुने गए थे.

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