मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 60 साल के बजुर्ग को 10 साल बाद अपनी पत्नी से तलाक मिला. उनका कहना था कि पत्नी शराब पीकर उन्हें पीटती थी, बच्चे जासूसी करते थे. टॉर्चर देकर भी तसल्ली न मिली तो सभी ने उन्हें घर से निकाल दिया. साल 2015 से वो बीवी से तलाक मांग रहे थे. लेकिन अब जाकर जिला कोर्ट ने उनकी तलाक की याचिका पर फैसला सुनाया है.
बुजुर्ग का कहना था कि पत्नी ने उन पर नशे में मारपीट करने के आरोप लगा कर घर से निकाल दिया था. इसके बाद जासूसी भी करवाती थी, जिससे तंग आ कर कोर्ट में तलाक की मांग की थी. आरोप लगाया कि उनकी बच्चियों और पत्नी ने 10 साल पहले घर से निकाल दिया था.
घर पर कर किया कब्जा
काउंसलिंग के दौरान काउंसलर शैली अवस्थी से बताया कि बुजुर्ग की पत्नी और बेटियां उनके साथ मारपीट करती थीं, दामाद से जासूसी भी करवाती थीं. 10 साल पहले घर से भी निकाल दिया था, जिसके बाद वह अपनी बुजुर्ग मां के साथ अलग रहते हैं. जबकि 3 बेटियों, दामाद और पत्नी ने उनके घर पर कब्जा कर लिया है.
हाइकोर्ट ने दिया निर्देश
कुछ दिन पहले इंदौर की रुचि और हैदराबाद के रवि ने तलाक के लिए 2015 में परिवार न्यायालय में केस लगाया था. तीन साल सुनवाई बाद कोर्ट ने अगस्त 2018 में उनकी अर्जी खारिज करते हुए तलाक देने से इंकार कर दिया. इस पर दोनों ने हाईकोर्ट में अपील की. इसकी सुनवाई के 7 साल बाद हाईकोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए न सिर्फ फैमिली कोर्ट के फैसले को गलत ठहराया, बल्कि उनके विवाह को भी खत्म कर दिया.
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