पंडित का नाम ‘कासिम’, मंदिर में कृष्ण बनकर रह रहा था; बस एक चूक से खुल गई पोल

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक मौलवी का बेटा अपनी पहचान बदलकर पिछले कई सालों से मंदिर की सेवा कर रहा था. वह पहले दिल्ली फिर मेरठ और उसके बाद मुजफ्फरनगर के खतौली के मंदिर में रह चुका है. आरोपी का नाम कासिम उर्फ कृष्ण है. आरोपी का असली नाम कासिम है. कासिम मेरठ के दादरी गांव के शिव मंदिर में कृष्ण बनकर रह रहा था जहां इसे पुलिस गिरफ्तार किया है.

दरअसल कासिम मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गांव के शिव मंदिर में पंडित के रूप में सेवा का रहा था. आरोपी कासिम ने मंदिर में रहने के लिए कहीं से पूरी ट्रेनिंग भी ली हुई थी. कासिम को कृष्ण बन कर रहने के लिए मंत्र के साथ हाथ की रेखा पढ़नी भी आती थी. इतना ही नहीं ये अपनी ठिकाने भी बदलता रहता था.

ऐसे हुआ खुलासा

मेरठ के दादरी गांव के एक शिव मंदिर में लगभग एक साल से कासिम, कृष्ण कुमार के नाम से पंडित बन कर रह रहा था. इसके बाद कासिम मुजफ्फरनगर के खतौली के किसी मंदिर में एक महीने पहले से रहने लगा था, जिसके बाद कासिम वापस मेरठ के उसी शिव मंदिर में शिवरात्रि के मौके पर आता है. पुलिस बताया कि शिकायत मिली थी कि ये मंदिर के दानपात्र को खोल रहा था, लोगो ने इसका विरोध किया कि तुम जब यहां से चले गए तो दान पर तुम्हारा कोई हक नहीं. इसी को लेकर पुलिस को शिकायत मिली थी, जिसके बाद कासिम से पूछताछ हुई तो पता चला कि पंडित का नाम कासिम है जो कृष्ण बनकर रह रहा था.

बदलता रहता था ठिकाना

पुलिस की माने तो, कासिम पहले दिल्ली के कालका मंदिर में रह रहा था. इसके बाद वह मेरठ आ गया और दौराला क्षेत्र के दादरी गांव में शिव मंदिर में रहने लगा. वहां पर कासिम ने अपना नाम कृष्ण बताया और लगभग 1 साल तक कासिम कृष्ण बनकर मंदिर में रहा और विधि विधान के साथ पूजा भी करी. पुलिस ने बताया कि वह लगभग 1 महीने पहले मुजफ्फरनगर के खतौली के किसी मंदिर में रहने लगा था. 23 जुलाई शिवरात्रि के दिन कासिम वापस मंदिर में आता है और दान पत्र को खोलने लगता है, जिसकी शिकायत पुलिस को मिली. इसके बाद पूछताछ में पता चला कि कासिम अपनी पहचान छुपा कर पुजारी के रूप में कृष्ण बनकर रह रहा था.

मेरठ के एसएसपी ने क्या कहा?

इस मामले में मेरठ के एसपी डॉक्टर विपिन तारा ने बताया कि एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जो मंदिर में कृष्ण बनकर रह रहा था. उसका असली नाम कासिम है. कासिम मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी का रहने वाला है. उन्होंने बताया कि पुलिस को शिकायत मिली थी कि यह दान पत्र खोल रहा है, जिसकी शिकायत पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी पूछताछ में पता चला कि आरोपी कासिम अपनी पहचान छुपा कर मंदिर में रह रहा था. आरोपी कासिम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है

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