सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई पर बुधवार को यह कहते हुए रोक लगा दी कि केंद्र सरकार पर फसलों के लिए एम.एस.पी. की कानूनी गारंटी सहित अन्य मांगों को मानने का दबाव बनाने के वास्ते भूख हड़ताल पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल अपना अनशन तोड़े बिना चिकित्सा सहायता ले रहे हैं।
न्यायमूर्ति सूर्य कांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) की कानूनी गारंटी सहित अन्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से मुलाकात की और 14 फरवरी को चंडीगढ़ में एक और बैठक निर्धारित की गई है। पीठ ने इसे एक ‘सकारात्मक घटनाक्रम’ करार देते हुए कहा कि डल्लेवाल जिनके स्वास्थ्य की स्थिति लगभग 50 दिनों के अनशन के कारण बिगड़ गई थी, की हालत में अब सुधार हो रहा है और वह चंडीगढ़ में प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेंगे।
पीठ ने कहा, “कई सकारात्मक घटनाक्रम हुए हैं। भारत सरकार ने एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा, जिसने डल्लेवाल और अन्य किसान नेताओं से मुलाकात की। ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों पक्ष 14 फरवरी को चंडीगढ़ में बातचीत के जरिए मुद्दे को हल करने पर सहमत हुए हैं। हम डल्लेवाल से कहना चाहेंगे कि वह बैठक से कुछ दिन पहले चंडीगढ़ जा सकते हैं, पी.जी. आई. में उचित चिकित्सा जांच करा सकते हैं और अपनी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक चिकित्सा सहायता ले सकते हैं।”,
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