पंजाब विधानसभा उपचुनाव : सियासी विरासत बचाने में नाकाम रहीं दोनों महिला उम्मीदवार

पंजाब

लुधियाना : पंजाब की 4 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों से जुड़ा हुआ दिलचस्प पहलू सामने आया है कि दोनों महिला उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है। यहां बताना उचित होगा कि उपचुनाव के दौरान सिर्फ कांग्रेस द्वारा ही 2 महिला उम्मीदवारों को टिकट दी गई थी। इनमें गिद्दड़बाहा से अमृता वड़िंग व डेरा बाबा नानक से तेजिंदर कौर रंधावा के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा किसी भी सियासी पार्टी द्वारा महिला को टिकट नहीं दी गई थी और न ही कोई महिला आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही थी लेकिन दोनों महिला उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है। इसके चलते वह सियासी विरासत बचाने में भी नाकाम रही हैं, क्योंकि ये उपचुनाव राजा वड़िंग के लुधियाना और सुखजिंदर रंधावा के गुरदासपुर से सांसद बनने की वजह से हो रहे थे। उक्त दोनों नेताओं द्वारा अपनी पत्नियों को टिकट दी गई थी लेकिन जीत हासिल न होने की वजह से ये दोनों पारंपरिक सीटें उक्त दोनों नेताओं के हाथ से निकल गई हैं। इसके चलते लंबे समय के बाद गिद्दड़बाहा व डेरा बाबा नानक सीट पर आम आदमी पार्टी का कब्जा हो गया है।

लगातार चौथी बार जीत का रिकॉर्ड नहीं बना पाए रंधावा

डेरा बाबा नानक सीट से जितेंद्र कौर की हार के चलते सुखजिंदर रंधावा लगातार चौथी बार जीत का रिकॉर्ड नहीं बना पाए। वह 2012 से लेकर 2022 तक लगातार 3 बार इस सीट से विधायक रहे हैं लेकिन इस बार उन्हें आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गुरदीप सिंह रंधावा के हाथों हार का सामना करना है। हालांकि पिछली बार वह रंधावा को पटखनी देने में कामयाब रहे थे। इसके अलावा डेरा बाबा नानक सीट पर अकाली दल छोड़ने वाले भाजपा के उम्मीदवार रविकिरण काहलों को भी सफलता नहीं मिली।

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