जालंधर: क्या जालंधर सैंट्रल विधानसभा क्षेत्र उपचुनाव की ओर बढ़ रहा है। नगर निगम की हालिया गतिविधियों और तैयारियों को देखकर राजनीतिक हलकों में ऐसी चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। माना जा रहा है कि निगम के उच्च अधिकारियों ने निचले स्तर के अफसरों को “बाई इलेक्शन मोड” में आने के निर्देश दिए हैं, जिससे इस अटकल को और बल मिला है।
गौरतलब है कि कांग्रेस के तत्कालीन सांसद चौधरी संतोख सिंह के निधन के बाद जालंधर लोकसभा उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के सुशील रिंकू ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद आप विधायक शीतल अंगुराल के पार्टी छोड़ने से जालंधर वेस्ट में उपचुनाव हुआ, जिसमें आप उम्मीदवार महेंद्र भगत विजयी रहे। अब आप विधायक रमन अरोड़ा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में विजिलेंस कार्रवाई चल रही है और वे नाभा जेल में बंद हैं। ऐसे में जालंधर सेंट्रल की सीट को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी ने उद्योगपति नितिन कोहली को जालंधर सैंट्रल विधानसभा क्षेत्र का हलका इंचार्ज नियुक्त किया है। उनके नाम की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि कोहली को आगामी उपचुनाव के लिए आप का संभावित उम्मीदवार बनाया जाएगा। चूंकि मेयर वनीत धीर नितिन कोहली के काफी करीबी हैं, इसलिए नगर निगम के भीतर विशेष हलचल देखी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जालंधर सैंट्रल क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।
नगर निगम परिसर में हुई बैठक में सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र के 23 वार्डों के जीते हारे पार्षद उम्मीदवार शामिल हुए। इस बैठक में क्षेत्र की सीवरेज, वाटर सप्लाई , सड़क मरम्मत और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं पर खुलकर चर्चा हुई और ज्यादातर पार्षदों ने आरोप लगाए कि निगम अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते, फोन तक नहीं उठाते और समस्याओं के समाधान में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते। इस पर नगर निगम अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि अब लापरवाही और टालमटोल का रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी को जिम्मेदारी से काम करना ही होगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या जालंधर सैंट्रल विधानसभा क्षेत्र निकट भविष्य में उपचुनाव का सामना करेगा या फिर 2027 में होने वाले नियमित विधानसभा चुनाव में ही नितिन कोहली को मैदान में उतारा जाएगा।
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