पंजाब: बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, खड़ी हो गई बड़ी समस्या!

पंजाब

जालंधर : पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटिड (पावरकाम) के सैंट्रल टाऊन, प्रताप बाग के सामने स्थित कार्यालय इन दिनों सीनियर सिटीजन्स और दिव्यांगजनों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। इस कार्यालय में बिजली बिल संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु लोगों को तीसरी मंजिल पर स्थित विभागीय दफ्तर में जाना पड़ता है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए न तो लिफ्ट की सुविधा है और न ही रैंप का कोई प्रबंध है।

सीनियर सिटीजन एम.डी. सभ्रवाल और टेलीफोन विभाग से रिटायर्ड एम.एम. चोपड़ा ने इस समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान दिलाते हुए कहा कि पावरकाम द्वारा भेजे जाने वाले बिजली बिलों में अक्सर गड़बड़ियां पाई जाती हैं। कभी खप्त से अधिक राशि डाली जाती है तो कभी पुराने बिलों की बकाया राशियां जोड़ दी जाती हैं। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को अपनी समस्या लेकर कार्यालय का रुख करना पड़ता है। इस दौरान जब कोई वृद्ध व्यक्ति, महिला या दिव्यांग व्यक्ति इस पावरकाम कार्यालय में जाता है तो उसे कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। तीन मंज़िल ऊँचाई तक केवल सीढ़ियों के सहारे पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। गर्मी के इन दिनों में यह परेशानी और भी गंभीर हो जाती।

सभ्रवाल ने बताया कि बिजली बिल में गड़बड़ी होना आम बात हो गई है, पर सबसे बड़ी चुनौती यह है कि उस गड़बड़ी को ठीक करवाने के लिए हमें बार-बार तीसरी मंजिल पर जाना पड़ता है। विभाग ने न तो कोई रैंप बनाया और न ही भवन में लिफ्ट लगाई गई है। ऐसे में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग विशेषकर बीमार अथवा असहाय नागरिकों के लिए ऊपर तक पहुंचना लगभग असंभव हो गया है। सभ्रवाल ने बताया कि उन्होंने स्वयं कई बार उच्च अधिकारियों को शिकायत की, परंतु ऐसा लगता है कि पावरकाम अधिकारियों में वरिष्ठ नागरिकों की परेशानियों को कभी गंभीरता से नहीं लिया। सभ्रवाल ने मांग की कि तीसरी मंजिल पर बैठने वाले संबंधित कर्मचारियों को ग्राऊंड फ्लोर या पहली मंज़िल पर शिफ्ट किया जाए, ताकि वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजन बिना किसी परेशानी के अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकें।

सब-रजिस्ट्रार बिल्डिंग की लिफ्ट कई महीनों से बंद

जिला प्रशासनिक काम्पलैक्स, जालंधर में स्थित सब-रजिस्ट्रार बिल्डिंग की लिफ्ट पिछले कई महीनों से बंद पड़ी है। इस तकनीकी खराबी की वजह से भवन की पहली मंजिल तक पहुंचने के लिए लोगों को केवल सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे खासतौर पर वृद्ध नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।\गौरतलब है कि इस बिल्डिंग की पहली मंजिल पर ही पटवारखाना स्थित है, जहां शहर और आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी जमीनी और प्रॉपर्टी से जुड़ी समस्याओं को लेकर आते हैं। यहां रोजाना करीब 70 से 80 पटवारियों के अलावा अन्य स्टाफ मैंबर कार्यरत हैं। प्रतिदिन यहां आने वाले लोगों में बड़ी संख्या बुजुर्ग पुरुषों और महिलाओं की होती है, जिनके लिए सीढ़ियां चढ़कर ऊपर पहुंचना एक कठिन और थकाने वाला काम है। कर्मचारियों ने बताया कि लिफ्ट कई महीनों से खराब है और अब तक उसकी मरम्मत या बदलाव के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वहीं लोगों का कहना है कि प्रशासनिक भवनों में बुनियादी सुविधाओं की यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है, बल्कि सरकार की “जन सुविधा” वाली नीतियों के भी विपरीत है। लोगों ने मांग की कि लिफ्ट को जल्द से जल्द चालू किया जाए ताकि आम नागरिक विशेषकर वृद्ध और असहाय लोग बिना किसी कठिनाई के अपनी समस्याओं का समाधान करवा सकें।

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