पंजाब में एक बार फिर खतरा मंडराने लगा है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के बाद रंजीत सागर डैम से रावी नदी में अतिरिक्त पानी छोड़ा जाने लगा है। जल संसाधन विभाग के मुख्य इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भारतीय मौसम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अक्टूबर का पहला हफ्ता पंजाब के लिए मुश्किल भरा रह सकता है। इस दौरान इतनी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जितनी पिछले 80 दशकों में कभी दर्ज नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार 4 अक्टूबर की रात से बारिश का दौर शुरू हो सकता है और 5 अक्तूबर को यैलो अलर्ट घोषित किया गया है, जिसके चलते पंजाब के 2-3 जिलों (पटियाला एरिया) को छोड़कर बाकि हिस्से में बारिश होने की स्थिति बन रही है। जबकि 6 अक्तूबर को ऑरेंज अलर्ट रहेगा जोकि तेज बारिश की संभावना जता रहा है। महानगर जालंधर में यैलो व ऑरेंज अलर्ट का प्रभाव रहेगा।
लोगों से की जा रही अपील
ऐसे हालात में प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सभी इंतजामों की दोबारा समीक्षा शुरू कर दी है। क्योंकि पानी छोड़ने के बाद बाढ़ जैसे हालात फिर से बन सकते हैं।
इन जिलों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार पंजाब के पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, रोपड़, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मोगा, मानसा, गुरदासपुर, बरनाला और बठिंडा में भारी बारिश की संभावना है।
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