पंजाबियों के लिए अहम खबर, कलेक्टर रेटों में बढ़ौतरी

पंजाब

लुधियाना: पंजाब में पिछली सरकारों दौरान धड़ाधड़ काटी गई नाजायज कालोनियों से संबंधित प्लाट की रजिस्ट्री हेतु एन.ओ.सी. अनिवार्य का नियम जहां प्राॅपर्टी कारोबारियों के लिए भारी सरदर्द बना हुआ है और राज्य में वसीके रजिस्टर्ड होने में आई गिरावट से मंदी की मार झेल रहे लोगों को जिला प्रशासन की तरफ से कुलैक्टर रेटों में कई गुना बढ़ौतरी कर नया तोहफा दे दिया गया है।

पिछले लम्बे अर्से से प्राॅपर्टी कारोबार में एन.ओ.सी. की वजह से छाई मंदी से झूझ रहे प्राॅपर्टी कारोबारियों के लिए जिला प्रशासन की तरफ से कुलैक्टर रेटों में की चुपचाप बढ़ौतरी बिजली गिरने से कम नहीं है, एक तरफ जहां शहरवासी त्यौहारों का लुत्फ़ उठा रहे थे उसी दौरान दूसरी तरफ जिला प्रशासन की तरफ से जिले की कई तहसीलों में कुलैक्टर रेटों में कई गुना बढ़ौतरी कर दी गई। मुख्यता कुलैक्टर रेटों में बढ़ौतरी का फैसला जिला प्रशासन की तरफ से मार्च के अंत में या अप्रैल माह के शुरू में किया जाता है लेकिन इस बार प्रशासन की तरफ से अक्टूबर माह के अंत में जब त्यौहारों का सीजन चल रहा है, में बढ़ौतरी कर दी गई है , इससे अनजान और लगातार चल रही सरकारी छुट्टियों दौरान त्यौहारों में व्यस्त प्राॅपर्टी कारोबारियों और आम जनता को कुलैैक्टर रेटों में बढ़ौतरी संबंधी जानकारी उस समय मिलनी शुरू हुई जब उन्होंने रजिस्ट्री करवाने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमैंट लेने की कोशिश शुरू की और पुराने कुलैक्टर रेट की जगह साइट पर नए और बढ़े हुए रेट सामने आने शुरू हो गए।

इस संबंधी डी.सी. हिमांशु जैन की तरफ से जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि जिले में तैनात एस.डी.एम. और सी.आर.ओ. द्वारा अपने अधीन पड़ते एरिया में पहले से तय रेटों में बढ़ौतरी संबंधी दी गई सिफारिशों के साथ सहमत होते हुए उनकी तरफ से कुलैक्टर रेटों में बढ़ौतरी करने का फैसला किया गया है और यह बढ़ौतरी 23 अक्टूबर 2025 से लागू कर दी गई है, जिसके बाद सभी तहसीलों में तैनात स्टाफ की तरफ से बढ़े हुए कुलैक्टर रेटों अनुसार ऑनलाइन बढ़ौतरी कर दी गई है। इस लिस्ट में शहर के ज्यादातर इलाकों में 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ौतरी की गई है और भविष्य में लोगों को बढ़े हुए कुलैक्टर रेट के मुताबिक ही सरकारी फीस अदा करनी पड़ेगी।

प्राॅपर्टी कारोबारियों में रोष
प्रशासन की तरफ से कुलैक्टर रेटों में की गई बढ़ौतरी से प्राॅपर्टी कारोबारी में गुस्सा पाया जा रहा है। कारोबारी काका सूद, बिट्टू नायर, पपी नागपाल, यशपाल, दविंदर सिंह का कहना है कि पहले ही एन.ओ.सी. को लेकर जारी असमंजस की स्थिति के चलते पंजाब में प्राॅपर्टी कारोबार बर्बादी की कगार पर है। सरकार की तरफ से वर्ष 1995 से पहले की 500 गज वाली रजिस्ट्री पर ही एन.ओ.सी. में छूट दी गई है जिस पर भी तहसीलों में तैनात स्टाफ कोई न कोई कमी निकाल रजिस्ट्री करने से इंकार कर रहे हैं। दूसरी तरफ नियमों में कई पेचीदगियों के चलते कई-कई दिन लोगों को अप्रूवल नहीं मिल रही है और इसकी वजह से तहसीलों में रजिस्टर्ड होने वाले दस्तावेजों में भारी गिरावट साफ देखी जा रही है। पहले से कई संकटों से गुजर रहे प्राॅपर्टी कारोबार पर प्रशासन का यह फैसला बिजली गिराने जैसा है।

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