उत्तर प्रदेश के जेवर में तैयार हो रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सफल ट्रायल लैंडिंग के बाद अब रेगुलर फ्लाइट्स के संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. एयरपोर्ट को चार राज्यों के 24 जिलों से सीधी कनेक्टिविटी दी जाएगी. इसके लिए 200 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा. एयरपोर्ट तक की यात्रा सुगम करने के लिए यमुना प्राधिकरण 24 घंटे ई-बसों का संचालन करेगा. दिल्ली, हरियाणा, यूपी और राजस्थान के 24 जिलों के लिए में ई बसे चलेगी. इसके लिए ईओआई (एक्सप्रेस ऑफ इंटेस्ट) जारी कर दिया गया है.
कंपनियों को इसके लिए 23 दिसंबर तक अपना प्रस्ताव देने का समय दिया है, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया को बढ़ाया जाएगा. ऐसा माना जा रहा है कि नोएडा एयरपोर्ट पर अप्रैल 2025 से कमर्शियल फ्लाइट फ्लाइट का संचालन शुरू हो जाएगा. वहीं एयरपोर्ट पर 9 दिसंबर को सफल ट्रायल लैंडिंग हुई थी. सवाल ये उठ रहे हैं कि लोग अप्रैल में एयरपोर्ट तक कैसे पहुंचेंगे. एयरपोर्ट को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए रैपिड रेल, मेट्रो या फिर रेलवे की सुविधा शुरू करने में कई साल लग जाएंगे. ऐसे में इसके लिए योजना बनाई गई है.
23 दिसंबर को होनी है उच्च स्तरीय बैठक
योजना के तहत चार राज्यों दिल्ली, यूपी, हरियाणा और राजस्थान के ऐसे जिले जो करीब 150 किमी के दायरे में आते हैं और जिन जगहों से हवाई सफर के लिए यात्रियों का आना जाना होता रहता है वहां इलेक्ट्रिक बसों से एयरपोर्ट के लिए सीधी कनेक्टिविटी दी जाएगी. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) के सर्वे के अनुसार एयरपोर्ट के 150 किमी दायरे में चारों राज्य के लगभग 24 जिले आ रहे हैं. ऐसे में नायल की कोशिश ये है कि कार्मिशियल फ्लाइट से शुरू होने के पहले बस की सेवा शुरू हो जाए. इस मामले एक 23 दिसंबर को उच्च स्तरीय बैठक होनी है.
कौन से हैं वो 24 जिले?
इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड से मिली जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट के 150 किमी के दायरे में जो 24 जिले आ रहे हैं, वो गुड़गांव, झज्जर, रेवाड़ी, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, फरीदाबाद, पलवल, मेवात (नूह), भिवानी, महेंद्रगढ़, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड़, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, मथुरा, हाथरस और भरतपुर हैं.
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