नेशनल हेराल्ड नेहरू खानदान की जागीर नहीं… कांग्रेस के प्रदर्शन पर BJP का सवाल- क्या कानून अपना काम ना करे?

देश

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद सियासी पारा हाई हो गया है. बीजेपी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और नेहरू-गांधी परिवार को दुनिया का सबसे भ्रष्ट परिवार करार दिया. अब पूर्व कानून मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि आपको धरना करने का अधिकार है, लेकिन पब्लिक फंड और संपत्ति को लूटने का अधिकार नहीं है. क्या अब कानून अपना काम भी न करे.

ईडी ने नेशनल हेराल्ड केस में अपनी चार्जशीट में कहा कि कांग्रेस नेताओं ने इसकी मूल कंपनी एजेएल की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने के लिए आपराधिक साजिश रची थी. इन लोगों ने इसके लिए 99 प्रतिशत शेयर महज 50 लाख रुपये में अपनी उस प्राइवेट कंपनी यंग इंडियन को ट्रांसफर कर दिए, जिसमें सोनिया और राहुल गांधी बहुलांश शेयरधारक हैं. इस चार्जशीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कल इसे कांग्रेस के भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण करार दिया था.

चार्जशीट में गांधी परिवार का नाम आने के विरोध में कांग्रेस देशभर में प्रदर्शन कर रही है. प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, “कांग्रेस परेशान है, देशभर में वह धरना देने की बात कर रही है. उनको धरना देने का अधिकार है लेकिन किसी को भी पब्लिक फंड और संपत्ति को लूटने का अधिकार नहीं है.” दूसरी ओर गुरुग्राम जमीन घोटाले में सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा आज बुधवार फिर से ED के सामने पेश होंगे. कल भी उनके साथ पूछताछ की गई थी.

पार्टी फंड का पैसा प्राइवेट कंपनी को नहींः प्रसाद

प्रसाद ने कहा, “उनके (कांग्रेस) प्रदर्शन करने के अधिकार को मैं चुनौती नहीं दूंगा, लेकिन प्रदर्शन किस बात के लिए किया जा रहा है? मैं बिहार से आता हूं वहां जब भी लालू यादव और उनके परिवार से जमीन के बदले नौकरी मामले में ED और CBI पूछताछ करती है, तब लोग पहुंच जाते हैं धरना देने के लिए. क्या वही मॉडल कांग्रेस ने अपना लिया है?”

बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रसाद ने कहा कि नेशनल हेराल्ड नेहरू खानदान की कभी जागीर नहीं रही है. इसमें बड़े-बड़े लोगों ने सहयोग कर रखा है. साल 2008 में इसका प्रकाशन बंद हो गया. नेशनल हेराल्ड का पब्लिकेशन बंद हुआ तब कांग्रेस ने इसको 90 लाख रुपये की मदद पार्टी फंड से की, लेकिन वो पार्टी फंड का पैसा प्राइवेट कंपनी को दे ही नहीं सकते.

3 करोड़ की जमीन 58 करोड़ में बेच दीः प्रसाद

एक परिवार को पैसे देने का आरोप लगाते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये एक कॉरपोरेट षड्यंत्र था ताकि कंपनी एक संपत्ति को हड़पकर एक परिवार के लोगों को दी जा सके. उन्होंने कहा कि साल 2009 में फिर लोन दिया गया. बाद में उन्होंने कहा कि वे लोन नहीं चुका सकते. फिर यंग इंडिया कंपनी जिसके 76% शेयर यानी 9 करोड़ शेयर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को दे दिया जाता है. इससे दिल्ली और लखनऊ आदि की संपत्ति इनके पास आ गई.

गांधी मॉडल ऑफ करप्शन का जिक्र करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, “90 करोड़ रुपये के बकाया के लिए 50 लाख रुपया दिए जाते हैं और फिर मालिकाना हक हासिल कर लेते हैं. इसके लिए मोतीलाल बोरा से पूछताछ की जाती है. सोनिया गांधी से भी पूछताछ हुई. इसी तरह 3 करोड़ की जमीन हरियाणा में खरीदी जाती है और फिर उसे 58 करोड़ में बेच दी जाती है. यह गांधी मॉडल ऑफ करप्शन है. मामले की सुनवाई 25 तारीख को की जाएगी. सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस मामले में आरोपी हैं.

गलत तरीके से संपत्ति हथियाई, कानून चुप बैठा रहेः प्रसाद

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर शिकायत हुई. ईडी ने मामले की जांच की. जांच के दौरान ईडी ने मोतालाल बोरा, पवन बंसल के अलावा सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछताछ की. उन्होंने कहा कि कमाई में गांधी परिवार का जवाब नहीं. महज 50 लाख में करोड़ों की संपत्ति और जमीन ले ली. यही वाड्रा ने भी किया. ये गांधी मॉडल ऑफ डेवलपमेंट है.

घोटाले को लेकर प्रसाद ने कहा कि ये लोग सवालों का सही और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, और इसे बदले की राजनीति बता रहे हैं. जबकि कानून अपना काम कर रहा है. क्या कानून अपना काम ना करे? क्या करोड़ों की संपत्ति गलत तरीके से हथिया ली गई तो कानून चुप बैठेगा?

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