‘नेताओं को मिलेगी हिरासत से छुट्टी’, वैष्णो देवी रोपवे विरोध को सुलझाने के लिए बनी कमेटी

हिमांचल प्रदेश

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मंगलवार को संघर्ष समिति और प्रशासन के बीच बैठक में गतिरोध टूटने के बाद कटरा बंद का फैसला समाप्त हो गया. साथ ही हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को जल्द रिहा करने का फैसला लिया गया. प्रदर्शनकारियों को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा और प्रस्तावित रोपवे परियोजना का निर्माण कार्य अगले निर्णय तक रोक दिया जाएगा. संघर्ष समिति लगातार प्रस्तावित रोपवे परियोजना को रद्द करने और हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की मांग कर रही थी.

जम्मू संभागीय आयुक्त से मिली जानकारी के मुताबिक, नागरिक समाज के सदस्यों के साथ चर्चा करने के बाद ये फैसला लिया गया है. उन्होंने बताया कि चर्चा में ये फैसला लिया गया कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा किया जाएगा. साथ ही बाजार को एक बार फिर से खोला जाएगा. वहीं जब तक समिति अपनी चर्चा पूरी नहीं कर लेती, रोपवे का काम बंद रहेगा.

उपराज्यपाल ने किया है समिति का गठन

संभागीय आयुक्त ने बताया कि चार सदस्यीय समिति का गठन उपराज्यपाल ने किया है. इसमें माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ शामिल हैं. श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के नेताओं के साथ मौजूद संभागीय आयुक्त ने कहा कि समिति की बैठकों के दौरान सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. आयुक्त ने कहा कि दुकानें आज रात में फिर से खोल दी जाएंगी. उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि इस प्रक्रिया में कोई दिक्कत नहीं आएगी. साथ ही ये सबसे अच्छा फैसला होगा.

रोपवे परियोजना के खिलाफ बंद का आह्वान

25 दिसंबर को रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों में माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने प्रस्तावित रोपवे परियोजना के खिलाफ बंद का आह्वान किया था, जिसमें घोषणा की गई थी कि माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए आधार शिविर कटरा शहर में सभी गतिविधियां निलंबित रहेंगी. 25 दिसंबर को पुलिस ने समिति के दो नेताओं (भूपिंदर सिंह और सोहन चंद) सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था.

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