मध्य प्रदेश के नीमच जिले में लगातार विलुप्त हो रही गिद्धों की प्रजाति बढ़ रही है। वन विभाग द्वारा गिद्धों की हुई गणना में खुलासा हुआ है। मध्यप्रदेश के पन्ना के बाद नीमच जिला गिद्धों की ज्यादा आबादी वाला दूसरा जिला बना है। पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष 37 प्रतिशत गिद्दों की संख्या बढ़ी है। वहीं पांच साल में संख्या दो गुना हुई है। प्रदेश व्यापी गिद्ध गणना के तहत तीन दिवसीय गिद्ध गणना 19 फरवरी को समाप्त हुई। सुबह छह से आठ बजे तक गिद्धों की आवास की पडताल की गई। मनासा, नीमच, जीरन, रतनगढ रेंज की 93 बीटों में 633 गिद्ध पाए गए है।
पिछले वर्ष इनकी संख्या 460 ही पाई गई थी। नीमच जिला गिद्धों के आवास के लिए सुरक्षित स्थान पाया गया है, जिले में 118 सुरक्षित आवास चिन्हिंत किए गए है, जहां पर गिद्धों का रैन – बसेरा है। वन विभाग के एसडीओपी दशरथ अखंड ने बताया सर्वेक्षण में चार प्रजातियां मली है। जिसमें भारतीय गिद्ध, राज गिद्ध, काला गिद्ध और लंबी चोंच वाला गिद्ध शामिल है। नीमच जिले में गिद्धों की संख्या में हुए इजाफे से पर्यावरण की दृष्टि से अच्छा है। इनके संरक्षण के प्रयास शुरू किए जाएंगे।
जिले में गिद्धों की संख्या पर एक नजर—
वर्ष गिद्ध
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