नॉर्थ कश्मीर की तथाकथित मास ग्रेव्स यानी सामूहिक कब्रों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं. इस बात पर कई बार चर्चा हुई है कि यह कब्रें किस की हैं. वहीं, कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह नैरेटिव पेश किया गया कि घाटी में बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिकों को मारकर गुपचुप दफनाया गया. लेकिन, अब कश्मीर के ही एक एनजीओ ने एक स्टडी में इन कब्रों की सच्चाई सामने रख दी है. साथ ही सालों से इन कब्रों को लेकर किए जा रहे दावों को चुनौती देने का काम किया है.
इस स्टडी में बताया गया है कि जांच की गई 4,056 बिना चिह्न वाली कब्रों में से 90 प्रतिशत से ज्यादा कब्रें विदेशी और स्थानीय आतंकियों की हैं. कश्मीर स्थित एनजीओ सेव यूथ सेव फ्यूचर फाउंडेशन (SYSFF) ने यह स्टडी की है. इस रिपोर्ट का नाम सच का पर्दाफाश: कश्मीर घाटी में बिना चिह्न और अज्ञात कब्रों का गंभीर अध्ययन है.
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