भोपाल। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को छापेमारी के 41 दिन बाद जब स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया तो सौरभ शर्मा ने कहा है कि 52 किलो सोना उसका नहीं है और गाड़ी में मिले करोड़ों रुपए भी उसके नहीं है। बाकी की जो प्रॉपर्टी है और नगदी है, उसका वह पूरा हिसाब देने के लिए तैयार है। लोकायुक्त पुलिस गिरफ्तारी के चार घंटे बाद ही उसे कोर्ट लेकर पहुंच गई थी। लोकायुक्त ने कोर्ट से आगे पूछताछ के लिए उसकी एक हफ्ते की रिमांड मांगी थी। इस पर सौरभ के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया था कि सौरभ तो सिर्फ मोहरा है और सौरभ की जान को खतरा है।
लोकायुक्त पुलिस का कहना था कि अगर सौरभ मोहरा है तो मुख्य आरोपी तक पहुंचने के लिए सौरभ से पूछताछ जरूरी है। कोर्ट ने सौरभ और लोकायुक्त दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कहा है कि सौरभ को रिमांड के दौरान पूरी सुरक्षा में रखा जाएगा। आपको बता दें कि सौरभ शर्मा सोमवार को कोर्ट में सरेंडर करने के लिए पहुंचा था।
लेकिन आवेदन के बाद अदालत ने जांच एजेंसी से डायरी मंगवाई थी, जिसके बाद उसे अगले दिन आने के लिए कहा था। वकील के मुताबिक सौरभ मंगलवार को 11:00 बजे कोर्ट जा रहा था लोकायुक्त ने उसे बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया।
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