देवास। देवास जिला मुख्यालय से 60 किमी दूर बागली की उपजेल में वन अपराध में विचाराधीन बंदी की रविवार रात को मौत हो गई। इससे पहले दोपहर में उसे पेट में जलन, गैस की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था जहां भर्ती कर उपचार किया गया था। हालत में सुधार होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया था, इसके बाद रात में फिर से उसकी तबीयत बिगड़ गई, उसे फिर से अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टर ने जांच करके मृत घोषित कर दिया। समाजजनों ने हाटपीपल्या में थाने के सामने नेवरी बागली मार्ग पर शव रखकर किया प्रदर्शन।
मृतक के स्वजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया है। उधर सोमवार को शार्ट पीएम रिपोर्ट में कॉर्डियक अरेस्ट की पुष्टि हुई है, हार्ट प्रिजर्व किया गया है। मामले में बागली पुलिस ने मर्ग कायम करके जांच शुरू की है। बागली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 32 वर्षीय रामप्रसाद उर्फ रामा पुत्र कैलाश भीलवाड़ा निवासी हाटपीपल्या वन अपराध के पुंजापुरा क्षेत्र के मामले में बागली उपजेल में बंद था।
रविवार दोपहर में तबीयत खराब होने पर उसे बागली के सरकारी अस्पताल लाया गया था, यहां उसने पेट में जलन, गैस संबंधी परेशानी बताई, जिसके बाद भर्ती कर उपचार शुरू किया गया, बाटल लगाई गई। आराम होने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था, इसके बाद रात में करीब साढ़े आठ बजे फिर से तबीयत बिगड़ने पर जेल प्रबंधन उसे लेकर अस्पताल पहुंचा लेकिन जांच में वह मृत मिला।
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