दिवाली और छठ की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे ही लोग भी दिल्ली और नोएडा सहित तमाम बड़े शहरों से घरों के लिए निकलने लगे हैं. ताकि त्योहारों को परिवार संग मना सकें. ऐसे में दिल्ली-NCR से यूपी जाने वाली बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल रहा है. यहां तक कि बसों में टिकटों की कीमत तो आसमान छू रही हैं.
नोएडा से लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी के लिए निजी एसी बसों का किराया 7 गुना तक बढ़ गया है. सामान्य दिनों में लखनऊ के लिए इन बसों का किराया 600 से 700 रुपये रहता है, जो अब 5 हजार तक पहुंच चुका है. कानपुर का किराया पहले 700 से 900 रुपये तक था, जो साढ़े तीन हजार तक पहुंच गया.
बात करें 18, 19, 21 और 22 अक्तूबर की तो अधिकतर बसें फुल हैं. कुछ बुकिंग वेबसाइट्स की मानें तो, इन दिनों नोएडा से लखनऊ का किराया औसतन 4999 रुपये, कानपुर का 3500, वाराणसी का 5770, गोरखपुर का 7304 और प्रयागराज का 7350 रुपये तक पहुंच गया है. निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि त्योहारों में मांग बढ़ने के कारण किराया बढ़ाना मजबूरी है. अंतिम समय में किराया और बढ़ सकता है.
नोएडा से 305 साधारण बसें चल रही हैं
वहीं, यूपी परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि नोएडा और ग्रेनो डिपो से 305 साधारण बसें चल रही है. भीड़भाड़ वाले रूटों पर अतिरिक्त बसें भी लगी हैं. अपनी एसी बसें नहीं है, लेकिन अन्य डिपो की एसी बसें नोएडा से गुजरेंगी.
ट्रेनें भी फुल, नहीं मिल रहे कन्फर्म टिकट
इसकी बड़ी वजह ये है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे बड़े साधन ट्रेनों में भी अब फेस्टिव सीजन में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं. वेटिंग बहुत लंबी है. इसके अलावा स्टेशनों पर भयानक भीड़ भी होने वाली है. हालांकि, रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है पर फिलहाल तो यही हालात हैं.
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