दिल्ली सरकार का प्रदूषण के विरुद्ध युद्ध, 24 घंटे का ग्रीन वॉर रूम हुआ शुरू, पहली बार ड्रोन से होगी निगरानी

दिल्ली

दिल्ली में प्रदूषण एक बड़ी समस्या है. खासकर सर्दियों के मौसम में दिल्ली की हवा दमघोंटू हो जाती है. हर साल की तरह इस साल भी दिल्ली सरकार ने विंटर एक्शन प्लान जारी कर दिया है. हालांकि इस बार ये प्लान 14 की जगह 21 बिंदुओं पर आधारित है. जिसमें कृत्रिम बारिश, ऑड-ईवन जैसे बड़े प्रावधान शामिल हैं. हालांकि इन्हें लागू करने के लिए दिल्ली सरकार को केंद्र सरकार और एलजी से इजाजत लेनी होगी.

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में ग्रीन वॉर रूम की शुरुआत की, ताकि 24 घंटे विंटर एक्शन प्लान की निगरानी की जा सके और जमीन पर चल रही गतिविधियों का प्रबंधन किया जा सके. टीवी9 से बात करते हुए पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कई एजेंसियां ​​काम करेंगी. वहीं, इनके बीच समन्वय के लिए ग्रीन वॉर रूम भी बनाया गया है.

ग्रीन वॉर रूम से 7 लेवल पर होगी मॉनिटरिंग

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ग्रीन वॉर रूम में निगरानी के लिए 8 सदस्यीय टीम तैनात की है. साथ ही ग्रीन वॉर रूम से 7 स्तरों पर निगरानी की जाएगी. जिसमें ड्रोन मैपिंग की निगरानी, ​​रियल टाइम सोर्स अपोर्शमेंट स्टडी, पराली जलाने और खुले में कूड़ा जलाने से संबंधित नासा सैटेलाइट डेटा, ग्रीन एप पर प्राप्त शिकायतें, 13 हॉटस्पॉट स्टेशनों का डेटा, 24 मॉनिटरिंग स्टेशनों के डेटा का विश्लेषण और एक्यूआई की निगरानी शामिल है.

इसके साथ ही प्रदूषण से संबंधित कारणों का विश्लेषण करने के लिए ग्रीन वॉर रूम में पर्यावरण इंजीनियरों को भी तैनात किया गया है. यह टीम प्राथमिक प्रदूषण स्तर, प्रदूषण पर अंकुश लगाने के उपायों और ग्रीन दिल्ली एप से प्राप्त शिकायतों के निवारण की निगरानी करेगी. अब तक ग्रीन एप पर करीब 80 हजार शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 88 फीसदी समस्याओं का समाधान किया गया.

एक्यूआई 450 पार होने पर ऑड-ईवन और कृत्रिम बारिश

गोपाल राय ने कहा कि ग्रीन वॉर रूम से पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से संबंधित सैटेलाइट डेटा का भी विश्लेषण किया जाएगा. पंजाब में जब से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, तब से पराली जलाने की घटनाओं में 50 फीसदी की कमी आई है. यह ग्रीन वॉर रूम दिल्ली के 33 विभागों के साथ समन्वय करेगा. ग्रीन दिल्ली एप पर प्राप्त शिकायतों को संबंधित 33 विभागों को भेजा जाएगा और उनकी निगरानी की जाएगी.

इनमें एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, डीडीए, राजस्व विभाग, डीएसआईडीसी, दिल्ली जल बोर्ड, एनडीएमसी, दिल्ली मेट्रो, डीयूएसआईबी, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, परिवहन विभाग, रेलवे जैसे अहम विभाग शामिल हैं. गोपाल राय के मुताबिक अगर दिल्ली में एक्यूआई 450 (जब गंभीर हो) को पार करता है तो दिल्ली में ऑड-ईवन और कृत्रिम बारिश लागू करने की कोशिश करेंगे. इसमें हम केंद्र सरकार से भी सहयोग मांगेंगे.

दिल्ली सरकार ने सर्दी के मौसम में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए 25 सितंबर को 21 सूत्रीय विंटर एक्शन प्लान जारी किया था. जिसके तहत दिल्ली सरकार 7 अक्टूबर से 7 नवंबर तक एंटी डस्ट अभियान चलाएगी.

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