लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपने सहयोगियों को एकजुट बनाए रखने को लेकर एक ‘संजीवनी’ मिल गई है. चुनाव में ‘वोट चोरी’ और बिहार में जारी वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस विपक्षों दलों को अपने साथ लाने में कामयाब रही है. ये मुद्दा ऐसा है जिस पर सभी विपक्षी दल राजी दिख रहे हैं और उनकी अगुवाई में साथ बने हुए हैं. अब राहुल गांधी ने अपने आवास पर डिनर पर सभी को न्योता देकर बन रही ‘एकता’ को और पुख्ता करने की कोशिश की है.
कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया और इसे संविधान के खिलाफ करार दिया. इस सनसनीखेज आरोप के बाद कांग्रेस नेता ने अपने आवास पर विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन के 25 घटक दलों नेताओं के लिए डिनर का इंतजाम किया. डिनर से पहले राहुल ने महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट में कथित धांधली को लेकर एक प्रजेंटेशन भी दिया. इस दौरान वहां उपस्थित सभी नेताओं ने बिहार में जारी SIR प्रक्रिया के साथ-साथ ‘वोट चोरी’ मॉडल का विरोध करने का संकल्प भी लिया.
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