दिवाली नजदीक है, ऐसे में साफ-सफाई के अलावा धीरे-धीरे तैयारियां शुरू की जाने लगी हैं. बजारों में भी लाइट्स और पटाखों की दुकानें सजने लगी हैं. इन सभी के बीच दिल्लीवालों के लिए जहरीली हवा एक बड़ी समस्या है. वहीं इसके अलावा दिवाली के बाद तक दिल्ली में पानी की किल्लत देखने को मिल सकती है. इसके पीछे की वजह है यमुना नदी में अमोनिया का स्तर काफी बढ़ जाना. इसके अलावा अपर गंग केनाल में मेंटिनेंस का काम भी चलाया जा रहा है.
ऐसे में दीवाली के मौके पर दिल्लीवालों को जरा संभलकर पानी खर्च करने को कहा गया है. यमुना नदी में पीपीएम की मात्रा 1.5 तक पहुंच गई है. इस पानी का इस्तेमाल करना काफी मुश्किल है. वहीं गंग केनाल में चल रहा काम 12 अक्टूबर को शुरू हुआ था और ये 31 अक्टूबर तक चलेगा. उसके बाद ही यहां से पानी की सप्लाई को शुरू किया जा सकेगा.
250 एमडीजी पानी की आपूर्ति बंद
गंग केनाल में चल रहे काम के कारण सोनिया विहार और भागीरथी जल संयंत्र के जरिए मिलने वाले 250 एमडीजी पानी की आपूर्ति को बंद कर दिया गया है. वहीं यमुना में अमोनिया का स्तर बढ़ने के कारण दोनों प्लांट से महज 30 फीसदी पानी की सप्लाई की जा रही है. इस कारण से दिल्ली में जल संकट पैदा हो गए हैं.
किन इलाकों में बढ़ी दिक्कत?
मेंटिनेंस के इस काम की वजह से पूर्वी दिल्ली में पानी की किल्लत देखने को मिल रही है. इनमें शहादरा, सीलमपुर, बाबरपुर, मौजपुर के अलावा 40 से ज्यादा इलाके शामिल हैं. आंबेडकर नगर, ओखला, कालकाजी, कालकाजी एक्सटेंशन, गोविंदपुरी, जीबी पंत पॉलिटेक्निक, श्याम नगर कॉलोनी, ओखला सब्जी मंडी, अमर कॉलोनी, दक्षिण पुरी, पंचशील पार्क, शाहपुर जट, कोटला मुबारकपुर की कॉलोनियों में पानी की समस्या बनी हुई है.
प्रदूषण के कारण सांस लेना हुआ मुश्किल
दिल्ली में एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी तक पहुंच गया है. हवा की स्थिति दीवाली के पहले ही काफी खराब हो चुकी है. अभी दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में AQI लेवल 380 के ऊपर है. ऐसे में दिवाली के बाद इसके और खराब होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं.
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