दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र इलाके में एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत का मामला तूल पकड़ लिया है. घटना के अगले दिन यानी रविवार को तैयारी करने वाले छात्र करोल बाग मेट्रो स्टेशन के सामने विरोध प्रदर्शन करने लगे. छात्रों को वहां से हटाने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स बुलाई गई. बताया जा रहा है कि प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों को हिरासत में भी लिया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस और फोर्स ने प्रदर्शनकारी छात्रों को तितर-बितर कर रोड आवाजाही शुरू करा दी है.
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कोचिंग सेंटर पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं. छात्रा का कहना है कि दिल्ली में ऐसे कितने कोचिंग सेंटर हैं जो हर दिन छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन मौन है. छात्रों से मिलने के लिए दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ओल्ड राजेंद्र नगर पहुंचे थे. जैसे ही वो छात्रों के पास पहुंचे उनका विरोध शुरू हो गया. छात्र वापस जाओ का नारा लगाने लगे. यादव छात्रों से बात करना चाह रहे थे, लेकिन संभव नहीं हो सका.
उपराज्यपाल बोले- आपराधिक लापरवाही की ओर इशारा करती हैं
घटना पर दिल्ली के उपराज्यपाल का बयान भी सामने आया है. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कोचिंग सेंटर हादसा संबंधित एजेंसियों की आपराधिक लापरवाही और बुनियादी रखरखाव की कमी की ओर इशारा करती है. संभागीय आयुक्त को घटना पर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. घटना पर दुख जताते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि वो स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं.
शहर में जल निकासी की व्यवस्था पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि शहर में जल निकासी और संबंधित बुनियादी ढांचे और इन समस्याओं के समाधान के लिए किए गए प्रयास स्पष्ट रूप से विफल हो गए हैं. पिछले एक दशक से दिल्ली में व्याप्त कुशासन की व्यापक दुर्दशा को दर्शाती है. कोचिंग संस्थानों और मकान मालिकों की भूमिका पर भी गौर किया जाना चाहिए.
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