दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे के खुलने का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन किसानों ने इसकी रफ्तार रोक दी है. हालांकि इसके खुलने की उम्मीद जल्दी है. ऐसे में इसके खुल जाने से दिल्ली और देहरादून के बीच का समय साढ़े छह घंटे से कम होकर महज ढाई घंटे का रह जाएगा.
किसानों के झगड़े के कारण चार साल से टीकरी में एक्सप्रेस वे का काम बंद पड़ा है, जिसकी वजह से एनएचएआई को अभी तक करोड़ रुपये का फटका लग चुका है. ऐसे में मामले में अब एनएचएआई के साइट इंजीनियर ने न्यायालय के आदेश पर टीकरी के सुनील राठी समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है.
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस
एनएचएआई के साइट इंजीनियर अंकित कुमार ने बताया कि अगस्त 2021 में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे के फेज-2 निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण कर किसानों को मुआवजा वितरित किया और फिर निर्माण शुरू करा दिया गया है. अंकित ने आरोप लगाया कि टीकरी गांव के सुनील राठी ने एक्सप्रेस वे के लिए अधिग्रहित की गई जमीन पर अपना दावा करते हुए काम शुरू नहीं होने दिया, जबकि राजस्व अभिलेखों की जांच कराई तो वह जमीन दूसरे किसान के नाम पर दर्ज मिली. इसकी वजह से जमीन का मुआवजा भी आवंटित नहीं किया गया. ऐसे में चार साल से काम बंद होने के कारण सामान खराब होने से एनएचएआई को करीब दो करोड़ रुपये का अभी तक नुकसान हो गया है. ऐसे में अंकित ने किसानों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर याचिका दायर की है.
कितना लंबा है ये एक्सप्रेस वे?
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होगा और यहां से 18 किलोमीटर का रूट पूरी तरह से टोल फ्री होगा. इस एक्सप्रेस वे की लंबाई 210 किलोमीटर होगी. इस पूरे एक्सप्रेसवे पर 16 एंट्री और एग्जिट पॉइंट होंगे, जो अलग-अलग रास्तों को एक-दूसरे से कनेक्ट करेंगे.
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