दिल्ली कोचिंग हादसा: गृह मंत्रालय ने जांच के लिए बनाई कमेटी, LG ने किया मुआवजे का ऐलान

दिल्ली

राजधानी दिल्ली स्थित एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे 3 अभ्यर्थियों की डूबने से हुई मौत की घटना के बाद कार्रवाई तेज हो गई है. घटना को लेकर अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने हादसे की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है. वहीं उपराज्यपाल ने हादसे में मारे गए छात्रों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है.

राजेंद्र नगर कोचिंग इंस्टीट्यूट के हादसे को लेकर जांच समिति के गठन की बात करते हुए गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि गृह मंत्रालय की जांच समिति हादसों के कारणों की जांच करेगी. समिति जिम्मेदारी तय करेगी और नीतिगत बदलावों की सिफारिश भी करेगी. साथ ही इस तरह की घटना की रोकथाम के लिए सुझाव भी देगी. ये समिति हादसे के हरेक पहलू की जांच करेगी. समिति को 30 दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करना होगा.

MHA के संयुक्त सचिव करेंगे अगुवाई

जांच समिति को कोऑर्डिनेट गृह मंत्रालय के एक संयुक्त सचिव करेंगे. जबकि समिति के सदस्यों में गृह मंत्रालय के प्रधान सचिव, शहरी विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त सचिव और फायर डिपार्टमेंट के एडवाइजर होंगे.

दूसरी ओर, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कोचिंग सेंटर में पानी भरने की घटना में जान गंवाने वाले 3 छात्रों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की मुआवजा देने का ऐलान किया है. साथ ही उपराज्यपाल ने 24 घंटे के भीतर दिल्ली अग्निशमन सेवा, पुलिस और एमसीडी के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

गिरफ्तार 5 आरोपियों को न्यायिक हिरासत

हादसे को लेकर गिरफ्तार किए गए 5 आरोपियों को स्थानीय अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. कोचिंग सेंटर के 4 सह-मालिकों (तजिंदर सिंह, परविंदर सिंह, हरविंदर सिंह तथा सरबजीत सिंह) और कार ड्राइवर मनुज कथूरिया को कोर्ट में पेश किया गया. न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद कुमार ने इन सभी आरोपियों को 12 अगस्त तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया. हालांकि आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर कल मंगलवार को सुनवाई होनी है.

गिरफ्तार किए गए इन 5 लोगों में, बारिश के पानी से भरी सड़क से गुजरने वाली गाड़ी का ड्राइवर भी शामिल है. ड्राइवर पर आरोप है कि एसयूवी गाड़ी के वहां से गुजरने की वजह से पानी 3 मंजिला इमारत के बेसमेंट में घुस गया. कोर्ट ने ड्राइवर के वकील से कल मंगलवार को जमानत के लिए लिखित दलीलें दाखिल करने को कहा. ड्राइवर की ओर वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल का किसी की जान लेने का इरादा नहीं था.

हादसे के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है. कोचिंग संस्थान के मालिक और संयोजक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. और इन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है. जबकि काम में लापरवाही बरतने के आरोप में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया. साथ में एक सहायक इंजीनियर को निलंबित भी कर दिया.

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