इंदौर। मध्य प्रदेश की पूर्व संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने हाल ही में दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम के विरोध में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हिंदू संगठनों के विरोध को सही ठहराया और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं। उषा ठाकुर ने यह भी कहा कि हम 2047 के स्वर्णिम भारत की ओर बढ़ रहे हैं, और ऐसे कार्यक्रम हमारी संस्कृति के प्रतिकूल हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इंदौर में नाइट कल्चर के बंद होने से शहर में सकारात्मक बदलाव आया है, और इसलिए ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि इस तरह के आयोजन भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ हैं और इनकी कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
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