तेलंगाना जातिगत जनगणना में पूछे जाएंगे 75 सवाल, मुस्लिम समुदाय से क्यों की गई विशेष अपील?

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तेलंगाना में आज यानी बुधवार से जातिगत जनगणना की शुरुआत हो रही है. उससे पहले ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल तेलंगाना ने मुस्लिम समुदाय से खास अपील की है. काउंसिल ने कहा है कि मुस्लिम समुदाय के लोग जातिगत जनगणना में भागीदारी सुनिश्चित करें और उचित जानकारी दें. परिषद के महासचिव मुफ्ती उमर आबिदीन कासमी मदनी ने मुस्लिमों से अपील की है कि वे बताएं कि वे किस BC सब कैटेगरी में आते हैं. क्योंकि बड़ी संख्या में मुसलमानों को बीसी-ई (सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग) श्रेणी के तहत कवर किया गया है. जबकि मुसलमानों का एक छोटा सा प्रतिशत उनके व्यवसाय के आधार पर अन्य बीसी श्रेणी में शामिल किया गया है.

उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों में मुस्लिम प्रतिनिधित्व का भविष्य हमारे समुदाय के सदस्यों द्वारा प्रदान की जाने वाली जानकारी पर निर्भर करता है. काउंसिल ने मुसलमानों से पहचान प्रमाण जैसे सभी दस्तावेजों के साथ तैयार रहने को कहा है. तेलंगाना में जाति बड़ा विषय रहा है.

पूछे जाएंगे 75 सवाल

तीन हफ्ते तक चलने वाली जातिगत जनगणना में 50,000 से ज्यादा कर्मचारी काम करेंगे. सरकार प्राइमरी स्कूलों के लिए स्कूल स्थापित करने जा रही है और हजारों शिक्षकों को गिनती के काम में लगाएगी. इन तीन हफ्तों में कर्मचारी सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, रोजगार, राजनीतिक और जाति संबंधी जानकारी व्यापक रूप से एकत्र करेंगे.

हर 150 घरों पर एक पर्यवेक्षक भी है. विशेष सर्वेक्षण किट हैं. 56 मुख्य और 19 पूरक प्रश्नों के साथ कुल 75 प्रश्नों में विस्तृत जानकारी ली जाएगी. यह जानकारी भाग-1 एवं भाग-2 के अंतर्गत आठ पृष्ठों में भरी गई है. पहले भाग (भाग-1) में मालिक और परिवार के सदस्यों की निजी जानकारी देनी होगी. भाग-1 में कुल 60 प्रश्न होंगे. दूसरे भाग में संपत्ति, ऋण और घर से संबंधित प्रश्न हैं.

इस सर्वे में मुख्य प्रश्न के साथ-साथ 19 उप-प्रश्नों का भी उत्तर देना होगा. कोई प्रमाणपत्र नहीं लिया जाएगा. परिवार में हर किसी का वहां होना ज़रूरी नहीं है. यदि परिवार का मालिक उपलब्ध हो और विवरण दे दे तो यह पर्याप्त है. सबसे पहले प्रगणक जिला, मंडल, पंचायत, नगर पालिका, वार्ड नंबर और मकान नंबर का विवरण दर्ज करते हैं. व्यापक घर-घर परिवार सर्वेक्षण के हिस्से के रूप में जाति, मालिक, परिवार के सदस्यों, शिक्षा, व्यवसाय, वैवाहिक स्थिति, वार्षिक आय, पांच वर्षों में लिए गए ऋण, घर का क्षेत्र, सुविधाएं, भूमि विवरण जैसे विवरण एकत्र किए जाते हैं.

कांग्रेस ने क्या वादा किया?

कांग्रेस ने स्थानीय निकायों में बीसी को 42 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया है. उसने अपने घोषणापत्र में यह भी घोषणा की है कि वह जातीय जनगणना कराएगी. सत्ता में आने के बाद रेवंत सरकार ने न केवल विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया, बल्कि जाति जनगणना के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित करने का फरमान भी जारी किया.

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