कटनी: कटनी की अर्चना तिवारी.. जिसे कभी छात्र राजनीति में धाकड़ माना जाता था… पिछले 13 दिन से घर-परिवार और पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई थी। हर किसी के मन में सवाल था कि आखिर वह कहां गायब हो गई? पर बुधवार को तस्वीर साफ हो गई। अर्चना को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से बरामद किया गया। पुलिस ने उसे सकुशल परिजनों को सौंप दिया। लेकिन जब अर्चना का सामना अपने ताऊ से हुआ तो उसकी नजरें झुक गईं। लौटते वक्त जो तस्वीर सामने आई, उसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया। अर्चना चुपचाप अपने बड़े ताऊ का हाथ थामे खड़ी थी। सहमी हुई, नज़रें झुकाए, मानो अपने फैसले पर पछता रही हो।
क्यों भागी अर्चना?
दरअसल, अर्चना अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहती थी। लेकिन घरवालों ने उसकी शादी एक पटवारी से तय कर दी। अर्चना इससे खुश नहीं थी। उसने पहले भी कई रिश्तों को ठुकरा दिया था। परिवार का दबाव और शादी का डर इतना बढ़ गया कि उसने घर छोड़ने का बड़ा कदम उठा लिया।
13 दिन की तलाश बनी पहेली
अर्चना की गुमशुदगी ने पुलिस की नींद उड़ा दी थी। उनका बैग ट्रेन के B3 कोच में मिला तो शक हुआ कि कहीं कोई वारदात न हो गई हो। फिर शुरू हुई तलाश। पुलिस ने करीब 500 से ज़्यादा CCTV फुटेज खंगाले। NDRF ने जंगल और नदी तक खंगाल डाली। गोताखोरों ने नर्मदा के 32 किलोमीटर हिस्से में खोजबीन की। इस बीच अर्चना शुजालपुर, इंदौर, हैदराबाद, जोधपुर और दिल्ली होते हुए नेपाल बॉर्डर तक पहुंच गई थी। पुलिस को उसके कॉल रिकॉर्ड से अहम सुराग मिला और आखिरकार उसे बरामद कर लिया गया।
नजरें झुकाए ताऊ के हाथ में हाथ डालकर खड़ी रही..
भोपाल पहुंचने पर अर्चना को जब परिजनों के हवाले किया गया तो उसकी तस्वीर सामने आई। वह चुप थी, लेकिन आंखों में बहुत कुछ कह रही थी। ताऊ का हाथ थामे खड़ी अर्चना का यह रूप पहले कभी नहीं देखा गया था। अर्चना को देखकर यही लगा कि शायद उसे अपने किए पर पछतावा है, और यही वजह थी कि अर्चना अपनी नजरें झुकाए हुए थी।
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