इंदौर। जैन समाज के वैवाहिक विवादों का निराकरण हिंदू विवाह अधिनियम के तहत किया जा सकता है या नहीं, मंगलवार को इस मुद्दे पर हाई कोर्ट में बहस पूरी हो गई। पक्षकारों के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। इसके जारी होने के बाद ही इस सवाल का जवाब मिलेगा कि जैन समाज के लोग वैवाहिक विवादों के समाधान के लिए हिंदू विवाह अधिनियम के तहत याचिका दायर कर सकते हैं या नहीं। मंगलवार को बहस करीब आधा घंटा चली।
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