जालंधर: हालांकि पंजाब के जालंधर शहर को इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंकिंग मिली है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। शहर के प्रमुख इलाकों होलसेल फिश मार्कीट और आदर्श नगर चौपाटी में खुले में कूड़े के डंप बीमारियों को न्योता दे रहे हैं। इन इलाकों में फैली गंदगी और बदबू के बावजूद जिला प्रशासन, नगर निगम और हेल्थ डिपार्टमेंट की अनदेखी चिंताजनक है।
जालंधर की होलसेल फिश मार्केट संभवतः पंजाब की एकमात्र ऐसी जगह है, जहां दुकानों के बीचों-बीच कूड़े का विशाल डंप बना हुआ है। सैंट्रल विधानसभा क्षेत्र के कई वार्डों से प्रतिदिन हजारों घरों का कूड़ा यहां लाकर डंप किया जाता है। हालांकि नगर निगम की गाड़ियां इसे उठाती हैं, लेकिन कूड़ा उठाने की प्रक्रिया के दौरान पूरा क्षेत्र बदबू से सड़ जाता है। कई बार यह कूड़ा कई दिनों तक पड़ा रहता है, जिससे वातावरण पूरी तरह से प्रदूषित हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू कूड़े से उत्पन्न विषाणु और बैक्टीरिया मक्खियों और मच्छरों के जरिए पूरे क्षेत्र में फैल जाते हैं। वहीं, फिश मार्केट में ज्यादातर दुकानों पर मछलियां खुले में रखी जाती हैं, जिससे इन पर बैक्टीरिया बैठने की संभावना और भी बढ़ जाती है। यह स्थिति सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। हैरानी की बात यह है कि हेल्थ डिपार्टमेंट ने अब तक इस गंभीर स्थिति पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
आदर्श नगर चौपाटी में डंप की साफ सफाई नहीं हो रही
इसी तरह आदर्श नगर चौपाटी, जहां रोजाना सैकड़ों लोग गोलगप्पे, चाट पापड़ी, बर्गर, पावभाजी, चांप आदि का लुत्फ उठाने आते हैं, वहां भी सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। चौपाटी के पास कुछ ही कदम की दूरी पर कूड़े का डंप बना हुआ है, जिससे उठती बदबू और गंदगी ने इस क्षेत्र को भी इन्फैक्शन के खतरे की ओर धकेल दिया है।
जिला प्रशासन, निगम और हैल्थ डिपार्टमैंट कुछ नहीं कर रहे
पिछले साल पंजाब के चीफ सैक्रेटरी ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को बरसात के मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके तहत घर-घर सर्वे, मच्छरों के लार्वा की जांच और डायरिया प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरीन वितरण जैसे कदम उठाने को कहा गया था लेकिन इस वर्ष बरसात शुरू हो चुकी है और अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
जालंधर के नागरिकों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि जिला प्रशासन, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कुछ नहीं कर रहे। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन क्षेत्रों से कूड़ा नहीं हटाया गया और सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो ये इलाके बीमारियों के हॉटस्पॉट बन सकते हैं। फिश मार्केट और आदर्श नगर चौपाटी जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर खुले में पड़े कूड़े के ढेर सिर्फ बदबू और गंदगी ही नहीं फैला रहे, बल्कि ये नागरिकों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा बन चुके हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों को चाहिए कि वे तुरंत सफाई अभियान शुरू करें और इन इलाकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाएं और दोनों डंप यहां से शिफ्ट किए जाएं।
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