जस्टिस यशवंत वर्मा को दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर किए जाने को लेकर वकील विरोध कर रहे हैं. बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के डेलिगेशन ने दिल्ली में कानून मंत्री से मुलाकात की, जो कि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी के नेतृत्व में हुई. इसको लेकर अनिल तिवारी ने बताया कि कानून मंत्री से मुलाकात सफल और सकारात्मक रही.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा जस्टिस यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर किए जाने की सिफारिश के खिलाफ दो दिन से वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं.इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने का कहना है कि वकील 27 मार्च को भी हड़ताल पर रहेंगे. जजों से भी इस आंदोलन में सहयोग देने का अनुरोध है.
ऐसे वकीलों को कारण बताओ नोटिस
एसोसिएशन के सचिव विक्रांत पांडेय ने कहा कि जिन वकीलों ने हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रस्ताव और चेतावनी को ना मानते हुए न्यायिक कार्य किया है, उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाती है. उन्होंने कहा कि ऐसे वकीलों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब देने के लिए कहा गया है.
हड़ताल की वजह से बंद रहा शपथपत्र केंद्र
जवाब नहीं देने वाले वकीलों की सदस्यता खत्म कर हाई कोर्ट से उनके एडवोकेट रोल को निरस्त करने का आग्रह किया जाएगा. एसोसिएशन के संयुक्त सचिव (प्रेस) पुनीत कुमार शुक्ला ने बताया कि हड़ताल की वजह से शपथपत्र केंद्र बंद रहा. एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जजों से संपर्क कर आंदोलन में सहयोग करने का आग्रह किया.
बता दें कि 14 मार्च की रात करीब 11 बजे यशवंत वर्मा के आवास में आग लगी थी. इसके बाद करेंसी जलने की बात सामने आई. यशवंत वर्मा का कहना है कि उनके या उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने स्टोररूम में कभी नकदी नहीं रखी. इस मामले की जांच के लिए बुधवार को दिल्ली पुलिस की एक टीम वर्मा के आवास पर पहुंची. तुगलक रोड थाने के एक इंस्पेक्टर भी पहुंचे. पुलिस ने आग लगने वाली जगह (स्टोररूम) को सील कर दिया.
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