जल गंगा संवर्धन की कहानी! MP ही नहीं पूरे देश के लिए मॉडल साबित हो सकते हैं ये बदलाव

मध्य प्रदेश

विदिशा। जिले में जल संरक्षण को लेकर जल गंगा संवर्धन अभियान तेज़ी से जन आंदोलन का रूप ले रहा है। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से सरोवरों, बावड़ियों और अन्य जल स्रोतों का संरक्षण किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में श्रमदान, जनभागीदारी और जागरूकता कार्यक्रम चल रहे हैं।

जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत तीन किसानों को पीएमकेएसवाय योजना में स्प्रिंकलर सिस्टम प्रदान किये

जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जिले में जल स्रोतों को संवारने के साथ-साथ पानी की बचत करने के उद्देश्य से किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा भी गतिविधियां आयोजित की गईं और कृषकों को फसल में पानी छिड़काव के लिए पीएमकेएसवाय के तहत स्प्रिंकलर सिस्टम प्रदान किए गए हैं, जिसमें विदिशा जिले के ग्राम गढ़ला निवासी किसान  सरदार सिंह, ग्राम शेरपुर निवासी समीर खान और ग्राम सहजाखेड़ी के समीर खान लाभान्वित हुए हैं। इन तीनों किसानों को कृषि विभाग द्वारा स्प्रिंकलर सिस्टम प्रदान किए गए हैं किसानों का कहना है कि यह सिस्टम प्रणाली के माध्यम से उनके खेतों में वह पानी का छिड़काव कर सकेंगे जो उनके लिए उपयोगी साबित होगा।

गौरतलब हो कि स्प्रिंकलर सिस्टम प्रणाली पाइप लाइन के माध्यम से बूंद-बूंद करके फसलों व पौधों तक पानी पहुंचाता है, जो प्राकृतिक वर्षा के समान होता है इससे जल की बचत होती है और फसल की पैदावार भी बढ़ती है।

जल गंगा संवर्धन अभियान से ग्राम कांजी खेड़ी में प्राचीन कुंड और उनारसीताल में साफ-स्वच्छ हुई बावड़ी

जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जिले के जल स्रोतों को साफ-स्वच्छ करने की दिशा में इस अभियान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जन सहयोग से इस कार्य को पूरा किया गया है और जिले में स्थापित जल स्रोत साफ-स्वच्छ नजर आ रहे हैं। इसी के तहत जनपद पंचायत सिरोंज की ग्राम पंचायत कांजी खेड़ी में अति प्राचीन बावड़ी को साफ-स्वच्छ करने का कार्य श्रमदान के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा क्रियान्वित किया गया था जिसमें जन सहयोग की भी महती भूमिका रही थी। इसी प्रकार सिरोंज जनपद की ही ग्राम पंचायत उनारसी ताल में भी यहां स्थापित अति प्राचीन बावड़ी को भी साफ-स्वच्छ किया गया था। साफ-स्वच्छ करने के बाद काफी समय से गंदगी युक्त यह कुंड और बावड़ी वर्तमान में जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से साफ स्वच्छ नजर आने लगी हैं। इन बावड़ी और कुंड के माध्यम से इस वर्षा ऋतु में एकत्रित होने वाला जल क्षेत्र के रह वासियों के लिए पीने योग्य उपलब्ध हो सकेगा।

जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत किसान धीरज सिंह के खेत में बना तालाब

जल गंगा संवर्धन अभियान विदिशा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के खेतों में खेत तालाब का निर्माण कराया गया है किसानों के खेतों में इस तरह की संरचना स्थापित हो जाने से सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी इस वर्षा ऋतु में पानी एकत्रित होता और वह किसने की फसलों में सिंचाई के लिए उपयोग होगा। अब इन किसानों को सुखे की स्थिति से निपटना नहीं पड़ेगा। भूजल स्तर में सुधार होगा और सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो सकेगा। ये संरचनाएं वर्षा के जल को भूजल में रिसने देती हैं। जिससे पानी की कमी और सूखे की समस्या की संभावना बहुत कम हो जाती है।

जनपद पंचायत नटेरन की ग्राम पंचायत दीघोनी के किसान धीरज सिंह के खेत में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत उनके खेत में तालाब का निर्माण कराया गया है जो उनके कृषि कार्य में सहयोग प्रदान करेगा। जिसके लिए उन्होंने अभियान के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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