जम्मू-कश्मीर में बारिश कहर बनकर बरस रही है. अब तक बादल फटने और भूस्खलन जैसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान गई. कटरा में भी भारी बारिश के चलते माता वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा को लगातार 7वें दिन भी स्थगित रही. वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन में कई लोगों की मौत हो गई थी और साथ ही कटरा में सैकड़ों श्रद्धालु फंस गए थे, जो अभी तक कटरा में फंसे हुए हैं.
ऐसे में कटरा होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन कटरा में फंसे हुए सैकड़ों श्रद्धालुओं की मदद के लिए आगे आया. 26 अगस्त को वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन के बाद से अब तक जो श्रद्धालु होटलों में रुके हैं. उन्हें फ्री में सुविधाएं दी जा रही हैं. श्रद्धालुओं को उनकी पसंद का नाश्ता दिया जा रहा है और उनके लिए टेस्टी फूड का इंतजाम किया जा रहा है. कटरा होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के चेयरमेन ने बताया कि उन्हें पिछले एक हफ्ते से नुकसान हो रहा है, लेकिन वह दुख की घड़ी में एक साथ खड़े हैं.
200 कमरे श्रद्धालुओं के लिए खोले
रिपोर्ट्स के मुताबिक कटरा में 300 से ज्यादा होटल, गेस्ट हाउस हैं. इनमें 6 हजार कमरे मौजूद हैं. इन्हीं में से 200 कमरों को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया है, जिनमें कटरा में फंसे हुए लोग रह रहे हैं. चेयमेन राकेश ने बताया कि 200 लोग धर्मशालाओं में भी ठहरे हुए हैं. माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से कहा गया है कि बुकिंग के आए एडवांस पैसे श्रद्धालुओं को 15 दिन के अंदर-अंदर लौटा दिए जाएंगे.
अगले आदेश तक बंद रहेंगे
कड़माल क्षेत्र में करीब 30 होटलों और धर्मशालाओं के साथ गेस्ट हाउस, 80 से 100 दुकानें मौजूद हैं. सभी को अगले आदेश तक संचालित नहीं करने का आदेश जारी किया गया है. यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है. रविवार को भी भूस्खलन की वजह से कई कच्चे मकान ढह गए. यही नहीं लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से नदी-नालों में भी उफान है और जलस्तर बढ़ गया है.
कभी 30 हजार श्रद्धालु, अब सन्नाटा
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए मोदी सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया. उन्होंने जम्मू के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. उनके साथ उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर भाजपा के वरिष्ठ नेता भी इस दौरान मौजूद रहे. बरिदर सेवा समिति के पूर्व अध्यक्ष ने बताया कि कटरा में हमेशा जहां 30 हजार श्रद्धालु रहते थे. वहीं अब पिछले एक हफ्ते से सन्नाटा पड़ा हुआ है. हालांकि, मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है और यात्रा जल्द ही दोबारा शूरू कर दी जाएगी.
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