मुंबई उच्च न्यायालय ने एक अंतरिम आदेश में शहर के एक प्रजनन केंद्र को निर्देश दिया है कि वह एक मृत अविवाहित व्यक्ति के वीर्य को सुरक्षित रखे. यह आदेश उस व्यक्ति की मां द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई लंबित रहने तक लागू रहेगा. महिला ने अपने बेटे के वंश को आगे बढ़ाने के लिए उसके वीर्य का उपयोग करने की अनुमति मांगी है.
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनीष पितले की एकल पीठ कर रही है। पीठ ने कहा कि जब तक याचिका पर पूरी तरह से विचार नहीं हो जाता, तब तक वीर्य को सुरक्षित न रखने की स्थिति में याचिका ही निरर्थक हो जाएगी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 30 जुलाई निर्धारित की है.
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