जनरल उपेंद्र द्विवेदी बने भारत के आर्मी चीफ, कई ऑपरेशन की संभाल चुके कमान

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जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रविवार को 30वें सेनाध्यक्ष (सीओएएस) चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ Chief of the Army Staff (COAS) के रूप में कार्यभार संभाला. जनरल उपेंद्र द्विवेदी से पहले यह जिम्मेदारी जनरल मनोज पांडे ने संभाली. द्विवेदी इस पद को संभालेंगे इस बात की घोषणा 11 जून को की गई थी.

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने फरवरी 2024 से जून 2024 तक सेना के उप प्रमुख के रूप में काम किया. इससे पहले IGAR (GOC) और सेक्टर कमांडर असम राइफल्स के रूप में भी उन्होंने काम किया. द्विवेदी ने राइजिंग स्टार कोर और उत्तरी सेना की भी 2022 से 2024 तक कमान संभाली है.

संभाली बटालियन की कमान

1 जुलाई 1964 को जन्मे द्विवेदी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं. उन्होंने सैनिक स्कूल रीवा (एमपी) से पढ़ाई की और जनवरी 1981 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी का हिस्सा बनें. वो डिफेंस और मेनेजमेंट अध्ययन में एमफिल हैं और रणनीतिक अध्ययन और सैन्य विज्ञान में दो मास्टर डिग्री उन्होंने हासिल की हैं.

द्विवेदी को 15 दिसंबर 1984 को जम्मू और कश्मीर राइफल्स की 18वीं बटालियन में नियुक्त किया गया था. अपने सैन्य करियर के दौरान, उन्होंने कश्मीर घाटी के अलावा राजस्थान के रेगिस्तान में भी बटालियन की कमान संभाली है.

कई पुरस्कार से किया गया सम्मानित

उत्तरी, पश्चिमी और पूर्वी थिएटरों में उनका संतुलित अनुभव है. द्विवेदी ने भारत-म्यांमार सीमा प्रबंधन पर पहला सार-संग्रह तैयार किया है.सेना में अपने योगदान के लिए जनरल उपेंद्र द्विवेदी को कई पुरस्कार से नवाजा गया. उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और तीन जीओसी-इन-सी कमेंडेशन कार्ड से नवाजा गया.

कई ऑपरेशन की कमान संभाली

जनरल उपेंद्र द्विवेदी को हर तरह के मौसम में काम करने का अनुभव हैं. उन्होंने रेगिस्तान की चिलचिलाती गर्मी से लेकर, कश्मीर की बर्फीली ठंड, नदी सहित कई अलग-अलग इलाकों में काम किया है. उन्होंने आतंकवाद विरोधी कई ऑपरेशन की कमान संभाली. वह भारतीय सेना की सबसे बड़ी सेना कमान के आधुनिकीकरण में भी शामिल थे, उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी उपकरणों को शामिल करने का काम किया.

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