जंगल में नक्सलियों को ढूंढ रहे थे, तभी आई ‘आसमानी आफत’, सेना के अफसर हो गए शहीद…3 जवान जख्मी

देश

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में छिपे एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा सहित कई कुख्यात नक्सलियों के खिलाफ सर्च अभियान चलाया जा रहा है. नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च अभियान के दौरान जवानों के ऊपर आसमानी कहर बरपा. वज्रपात की चपेट में आने के कारण सीआरपीएफ 26 बटालियन के सेकंड कमान अफसर एम प्रोबो सिंह शहीद हो गए हैं. सीआरपीएफ की तरफ से अफसर के शहीद होने की पुष्टि की गई है.

बलिबा के जंगल में जवानों ने नक्सलियों के खिलाफ सर्च अभियान चलाया था. इसी दौरान वज्रपात की घटना हुई. इस घटना में एम प्रोबो सिंह शहीद हो गए, जबकि अभियान में शामिल सीआरपीएफ 26 बटालियन के सहायक समादेष्टा सुबीर कुमार मंडल, झारखंड जगुआर के सहायक अवर निरीक्षक सुरेश भगत और सहायक अवर निरीक्षक चंद्र लाल हांसदा घायल हुए हैं, जिनका सेल अस्पताल किरीबुरु और टाटा मेन अस्पताल नवामुंडी में इलाज चल रहा है. गंभीर रूप से घायल अधिकारी और जवानों को बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची लाया जाएगा.

नक्सलियों की तलाशी में जवान चला रहे थे सर्च अभियान

सीआरपीएफ के अफसरों ने बताया कि ऐसी खबर मिली थी कि प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओ) के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन, पिंटु लोहरा, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत, रापा मुंडा अपने सदस्यों के साथ सारंडा में कहीं छिपकर रह रहे हैं. इसके बाद जवानों की कुछ टुकड़ियां इलाके में सर्च अभियान चला रही थीं.

तेज बारिश के साथ अचानक वज्रपात

अभियान के दौरान 15.05.2025 को सुबह लगभग 05.30 बजे तेज बारिश के साथ अचानक वज्रपात हो गया, जिसकी चपेट में आने से अफसर शहीद हो गए. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बता दें कि इससे पहले 12 अप्रैल को पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत सारंडा जंगल में ही नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के क्रम में आईईडी बम विस्फोट होने के कारण झारखण्ड जगुआर के जवान सुनील धान शहीद हो गए थे.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry